हरियाणा में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी जल्द, पानीपत में देश की पहली मेगा परियोजना
Haryana to Roll Out Green Hydrogen Policy
हरियाणा में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी लागू की जाएगी। इसी दिशा में देश की पहली मेगा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना पानीपत में स्थापित की जा रही है। यह परियोजना प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के माध्यम से विकसित होगी, जिसकी वार्षिक क्षमता 10,000 टन निर्धारित की गई है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि इस परियोजना के जरिए पानीपत रिफाइनरी को ग्रीन हाइड्रोजन की आपूर्ति की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना को दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जो देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और प्रधानमंत्री के ‘पंचामृत’ संकल्पों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में ग्रीन हाइड्रोजन को प्रमुख (थ्रस्ट) सेक्टर के रूप में शामिल किया जा रहा है। इससे हरियाणा को लो-कार्बन रिफाइनिंग और ग्रीन स्टील उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।
पानीपत और आसपास के क्षेत्रों में स्थित उर्वरक व अमोनिया इकाइयों को भी ग्रीन अमोनिया अपनाने से फायदा होगा, जिससे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।
इस परियोजना से बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। अनुमान है कि 250 KTPA ग्रीन हाइड्रोजन क्षमता हासिल होने पर विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्रों में करीब 40,000 प्रत्यक्ष और 1.2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।