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हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, सितंबर तक अधिकारियों और कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर रोक

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हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण और सख्त निर्णय लिया है। विभाग ने तत्काल प्रभाव से अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की विदेश यात्राओं (Ex-India Leave) पर अस्थायी रोक लगा दी है। जारी आदेशों के अनुसार सितंबर महीने तक किसी भी कर्मचारी को निजी या सामान्य कारणों से विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विभागीय निर्देशों के मुताबिक केवल गंभीर चिकित्सीय आपातकाल (मेडिकल इमरजेंसी) की स्थिति में ही नियमों के तहत विशेष अनुमति प्रदान की जा सकेगी। इसके लिए संबंधित कर्मचारी को आवश्यक और प्रमाणित मेडिकल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के मद्देनजर लिया गया है। इस अवधि में स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षकों के तबादले, शैक्षणिक व्यवस्थाओं का संचालन और कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबी अवधि की अनुपस्थिति से स्कूलों की कार्यप्रणाली तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए इस समय सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता आवश्यक है। इसी कारण विदेश यात्राओं को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया है।

यह आदेश शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी प्राचार्यों, शिक्षकों तथा गैर-शिक्षकीय प्रशासनिक कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी पूर्व स्वीकृति के बिना विदेश यात्रा करता है या आदेशों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।