हरियाणा कांग्रेस में बढ़ा घमासान, क्रॉस वोटिंग मामले में 5 विधायकों पर निष्कासन की तलवार
- By Gaurav --
- Sunday, 29 Mar, 2026
Haryana Congress Faces Turmoi
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर Indian National Congress में सियासी घमासान तेज हो गया है। पार्टी नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। संभावना जताई जा रही है कि सभी पांचों विधायकों को पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है।
इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने के लिए 30 मार्च को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है। यह बैठक Bhupinder Singh Hooda की अध्यक्षता में होगी, जिसमें विधायकों के भविष्य पर चर्चा की जाएगी।
पांच विधायकों को जारी हुआ था नोटिस
पार्टी की अनुशासन समिति ने क्रॉस वोटिंग के आरोप में पांच विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इनमें
- Shalley Chaudhary (नारायणगढ़)
- Renu Bala (साढ़ौरा)
- Jarnail Singh (रतिया)
ने नोटिस का जवाब दे दिया है। तीनों विधायकों ने दावा किया है कि उन्होंने पार्टी लाइन का पालन करते हुए Karmveer Boudh को वोट दिया था। हालांकि पार्टी इन जवाबों से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रही है।
वहीं
- Mohammed Ilyas (पुन्हाना)
- Mohammed Israil (हथीन)
ने अभी तक अनुशासन समिति को कोई जवाब नहीं दिया है, जिसे पार्टी नेतृत्व अनुशासनहीनता के रूप में देख रहा है।
इस्तीफे और उपचुनाव की चर्चाएं
नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी और पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास के इस्तीफे की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। अगर ऐसा होता है तो इन सीटों पर उपचुनाव हो सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस नए चेहरों को मैदान में उतार सकती है, जबकि Bharatiya Janata Party भी इन सीटों पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति बना सकती है।
अनुशासन समिति ने भेजी रिपोर्ट
पार्टी की अनुशासन समिति ने अपनी रिपोर्ट दिल्ली हाईकमान को भेज दी है। रिपोर्ट में दो विधायकों द्वारा नोटिस का जवाब न देने को गंभीर अनुशासनहीनता बताया गया है और मामले में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
निष्कासन के बाद क्या होंगे विकल्प
यदि पांचों विधायकों को पार्टी से निष्कासित किया जाता है तो उनके सामने सीमित विकल्प रह जाएंगे। वे निर्दलीय विधायक के रूप में कार्य जारी रख सकते हैं या किसी अन्य दल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि Anti-Defection Law के चलते उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है।