सरदारनी गनीव कौर मजीठिया द्वारा मुख्यमंत्री की श्री मजीठिया के विरुद्ध की गई भ्रामक और गैर-जिम्मेदार टिप्पणियों पर पलटवार
Ganieve Kaur Majithia counters CM Mann's remarks
- *श्री मजीठिया के विरुद्ध “एलओसी” की बातें करके लोगों को गुमराह करने का नाटक मुख्यमंत्री न करें। श्री मजीठिया का पासपोर्ट न्यायालय में पहले ही जमा है—यह बात मुख्यमंत्री, उनकी पुलिस और एजेंसियों को पता है – सरदारनी गनीव कौर मजीठिया।
- कहा, श्री मजीठिया न कहीं भागे हैं, न भागेंगे; न कभी डरे हैं, न कभी डरेंगे। वे अपने कानूनी अधिकार का प्रयोग करते हुए अपने वकीलों के साथ व्यस्त हैं।*
- मजीठा और पंजाब के लोगों के साथ मुख्यमंत्री के इशारे पर पुलिस की धक्केशाही के विरुद्ध डटने वाले श्री मजीठिया के साथ समस्त पंजाब डटकर खड़ा है।
- हमें वाहेगुरु पर पूर्ण भरोसा है और उनके ओट-आसरे से ही श्री मजीठिया पंजाब के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं।*
- काउंसिल चुनावों में श्री मजीठिया की लोकप्रियता और बढ़त देखकर मुख्यमंत्री द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया।
पुलिस अधिकारियों से झूठे बयान दिलवाकर, झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंसें करवाकर और उन्हें बदलकर मजीठा और पंजाब के लोगों के सामने सारी सच्चाई आ गई।
पंजाब के लोगों की लड़ाई लड़ रहे श्री मजीठिया की चरित्र-हत्या करने और अकाली दल को बदनाम करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने वालों का हिसाब पंजाब के लोग करेंगे।
सरदार मजीठिया कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं और सरकार की धक्केशाही के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से लड़ाई लड़ेंगे।
मजीठा और पंजाब के लोग भगवंत सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर सरदार मजीठिया के करेक्टर एसेसिनेशन के लिए चलाए जा रहे गलत और भ्रामक प्रचार अभियान का मुकाबला स्वयं कर रहे हैं।
सरदार मजीठिया सदैव हक-सच की लड़ाई लड़ते आए हैं, जो आगे भी पंजाब और पंजाबियों के लिए जारी रहेगी।
चंडीगढ़. 2 जून: शिरोमणि अकाली दल के मजीठा से विधायक सरदारनी गनीव कौर मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा श्री बिक्रम सिंह मजीठिया के विरुद्ध की गई भ्रामक और गैर-जिम्मेदार टिप्पणियों का पलटवार करते हुय कहा कि सरदार बिक्रम मजीठिया के विरुद्ध एलओसी की बातें करके लोगों को गुमराह करने का नाटक मुख्यमंत्री न करें; श्री मजीठिया का पासपोर्ट न्यायालय में पहले ही जमा है—यह बात मुख्यमंत्री, उनकी पुलिस और एजेंसियों को पहले से ज्ञात है।
उन्होंने कहा कि श्री मजीठिया न कहीं भागे हैं, न भागेंगे; न कभी डरे हैं, न कभी डरेंगे। वे अपने कानूनी अधिकार का प्रयोग करते हुए अपने वकीलों के साथ व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि मजीठा और पंजाब के लोगों के साथ मुख्यमंत्री के इशारे पर पुलिस की धक्केशाही के विरुद्ध डटने वाले सरदार बिक्रम मजीठिया के साथ आज सारा पंजाब डटकर खड़ा है।
उन्होंने कहा कि अपने चार साल से अधिक के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने श्री मजीठिया सहित अपने राजनीतिक विरोधियों के विरुद्ध धक्केशाही और झूठे मुकदमे दर्ज करने के अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने क्या किया है, इसका उत्तर भी पंजाब के लोगों को दें।
उन्होंने कहा कि काउंसिल चुनावों में श्री मजीठिया की लोकप्रियता और चढ़त देखकर बौखलाहट में मुख्यमंत्री द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया जिससे साबित हो रहा है कि मजीठिया की पंजाब में बढ़ती लोकप्रियता को मुख्यमंत्री पचा नहीं पा रहे है।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों से झूठे बयान दिलवाकर, झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंसें करवाकर और उन्हें मजीठा से बदल देने से और पंजाब के लोगों के सामने सारी सच्चाई आ गई है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों की लड़ाई लड़ रहे श्री मजीठिया का करेक्टर एसेसिनेशन करने और अकाली दल को बदनाम करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने वाली सरकार का हिसाब पंजाब के लोग करेंगे। कि आखिर पंजाब के खजाने से कम्पनियों को सोशल मीडिया पर मजीठिया के खिलाफ कॉमेंट्स लिखने के करोड़ो रूपये क्यों दिए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि सरदार मजीठिया को देश की कानूनी प्रक्रिया पर पूर्ण भरोसा करते हैं और इस धक्केशाही के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से लड़ाई लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि मुख्यमंत्री पंजाब की कानून-व्यवस्था, राज्य में फैले भ्रष्टाचार, बढ़ते ऋण, गैंगस्टरवाद, हर रोज बिगड़ रही कानून व्यवस्था की ओर ध्यान दें।जबकि “पंजाब हद से अधिक बिगड़ी हुई कानून-व्यवस्था के कारण जल रहा है, पर भगवंत मान को दिन-रात केवल मजीठा ही दिखाई दे रहा है।”
उन्होंने कहा कि कौंसिल चुनावों में नामांकन, मतदान सहित मतगणना के समय सरकार द्वारा मजीठा में धक्केशाही कार्रवाई करवाने के बावजूद सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा सरकार की इस धक्केशाही के विरुद्ध लड़ी गई लड़ाई के परिणामों से बौखलाकर मुख्यमंत्री श्री बिक्रम सिंह मजीठिया के विरुद्ध हर प्रकार के हथकंडे अपनाने पर उतर आए हैं, पर वे भूल रहे हैं कि मजीठा और पंजाब के लोग श्री मजीठिया के साथ डटकर खड़े हैं, क्योंकि मजीठा और पंजाबियों के सुख-दुख में सरदार मजीठिया आगे होकर खड़े रहे हैं और खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब में लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकारों और कानून के राज की रक्षा करने में माननीय न्यायालयें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जब सरकारें बदले की राजनीति पर उतर आती हैं तो न्यायपालिका ही आम लोगों की सबसे बड़ी आशा बनती है।
अंत में उन्होंने कहा कि भगवंत मान चाहे जितना भी राजनीतिक दबाव बनाएं, मजीठा की जनता न डरी है, न झुकी है और न झुकेगी। लोकतंत्र और पंजाब की आन की यह लड़ाई पहले से अधिक मजबूती से लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि श्री मजीठिया सदैव हक-सच की लड़ाई लड़ते आए हैं, जो पंजाब और पंजाबियों के लिए सदैव जारी रहेगी। अंत में उन्होंने कहा कि उन्हें वाहेगुरु पर पूर्ण भरोसा है और इसी भरोसे के चलते सरदार मजीठिया पंजाब के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं।