राजस्थान में धूमधाम से निकली गणगौर की शाही सवारी
Gangaur's Royal Procession Taken
जयपुर: राजस्थान में शनिवार को धूमधाम के साथ गणगौर की सवारी निकाली गई। ये सवारी जयपुर के अलावा जोधपुर, उदयपुर समेत कई जिलों में निकाली गई। इस दौरान गणगौर की सवारी शाही लवाजमे के साथ थी। खासतौर पर जयपुर के त्रिपोलिया गेट पर गणगौर माता की आरती उतारी गई। इस बार पूर्व राजपरिवार के पुरोहित ने गणगौर माता की आरती की।
ड्रोन से बरसाए गए फूल
गणगौर माता की सवारी के दौरान राजस्थान की राजधानी जयपुर में पूरे सूबे से आए 200 से ज्यादा लोक कलाकारों ने शानदार परफॉर्मेंस देकर लोगों का मन मोह लिया। इस दौरान आर्टिस्टों ने कच्छी घोड़ी, गेर, कालबेलिया, चरी, घूमर नृत्य तक किया। इसके बाद गणगौर माता की सवारी पर ड्रोन से फूलों की बारिश कराई गई।
2 करोड़ की जूलरी में निकलीं गणगौर माता
जोधपुर में तो गणगौर माता को जूलरी से सजाया गया। बताया गया कि गवर माता यानी मां पार्वती को करीब 2 करोड़ की जूलरी से सजाया गया और फिर उनकी सवारी निकाली गई। ये शोभायात्रा राखी हाउस से शुरू हुई और मिर्ची बाजार, पूंगलपाड़ा और कबूतरों के चौक होते हुए जालोरी गेट पुष्टिकर स्कूल, खांडा फलसा, आडा बाजार, कुमारियां कुआं, सराफा बाजार और सिटी पुलिस के रास्ते घंटाघर पहुंची। यहां आकर यात्रा संपन्न हो गई।
अलवर में रियासत वाली गणगौर माता
अलवर में तो रियासतकाल वाली गणगौर माता की सवारी निकाली गई। इस दौरान गणगौर माता को पालकी में बिठाकर कर मंशा मार्ग होते हुए जुलूस को सागर तक ले जाया गया। इस सवारी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। वहीं उदयपुर में जगदीश चौक पर तो महिलाएं ही गणगौर माता को लेकर पहुंचीं। इसके बाद शाही गणगौर को उसके लवाजमे के साथ बंशीघाट से रवाना करके पिछोला झील में गणगौर घाट के पास लाया गया। यहां कलाकारों ने नाव पर ही गजब का नृत्य किया।