हरियाणा के 92 स्कूलों में पकड़ा फर्जीवाड़ा:फर्जी DMC के आधार पर ली एडमिशन
हरियाणा के 92 स्कूलों में पकड़ा फर्जीवाड़ा:फर्जी DMC के आधार पर ली एडमिशन

हरियाणा के 92 स्कूलों में पकड़ा फर्जीवाड़ा:फर्जी DMC के आधार पर ली एडमिशन

हरियाणा के 92 स्कूलों में पकड़ा फर्जीवाड़ा:फर्जी DMC के आधार पर ली एडमिशन

चंडीगढ़। हरियाणा  से एक बड़ी ख़बर आ रही ही  गुप्तचर विभाग की पकड़ के कारण उन छात्रों पर गाज गिर गई हे जिन्न  स्कूलों में 10वीं कक्षा की फर्जी DMC के आधार पर दाखिला लेकर कोविड काल में (अप्रैल-2021) 12वीं कक्षा पास की थीं ।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तचर विभाग (हरियाणा) ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों के पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद से स्कूल संचालकों और संबंधित बोर्ड की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

92 स्कूलों में 129 स्टूडेंट्स ने लिया फर्जी तरीके से दाखिला

सचिव द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, प्रदेश के 92 स्कूलों में फर्जी DMC के आधार पर 129 स्टूडेंट्स ने दाखिला लिया और कोविड काल में 12वीं कक्षा पास की। जांच में सामने आया कि इन स्टूडेंट्स ने हरियाणा, पंजाब, यूपी, उत्तराखंड व बिहार समेत अन्य राज्यों के फर्जी बोर्ड से 10वीं कक्षा के फर्जी सर्टिफिकेट लेकर फर्जीवाड़ा किया है। इतना ही नहीं, गुप्तचर विभाग ने फर्जी 31 बोर्ड की लिस्ट भी जारी की है। कुरुक्षेत्र पुलिस ने पिहोवा स्थित एक निजी स्कूल के स्टूडेंट अभिषेक के खिलाफ धारा 420,467, 468 व 471 के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही स्कूल संचालक से भी पूछताछ शुरू कर दी है।

कोविड काल में 30:10:60 फॉर्मूले के तहत जारी किया था रिजल्ट

दरअसल, HBSE ने कोविड काल में 30:10:60 फॉर्मूले के आधार पर 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित किया था। इसमें 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर 30 प्रतिशत, 11वीं कक्षा के अंकों के आधार पर 10 प्रतिशत और 12वीं कक्षा की असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर 60 प्रतिशत अंक प्रदान किए गए थे। इन सभी नंबरों को मिलाकर रिजल्ट जारी किया गया, लेकिन प्रदेशभर में ऐसे 129 विद्यार्थी सामने आए हैं, जिन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट जमा कराकर 11वीं कक्षा में दाखिला लिया है। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

स्कूलों की कार्यशैली पर भी उठे सवाल

विभाग ने लिखा है कि स्कूलों को ऐसे स्टूडेंट्स को प्रवेश के समय परीक्षा का पात्रता से संबंधित दस्तावेज चेक करके दाखिला दिया जाना चाहिए था, लेकिन स्कूल संचालकों द्वारा सर्टिफिकेट चेक नहीं किए गए। विभाग ने स्टूडेंट्स के माध्यम से दलालों का पता लगा उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस कर रही मामले की जांच

सदर थाना पुलिस पिहोवा के SI महेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पिहोवा के निजी स्कूल संचालक से पूछताछ की है। सामने आया कि है कि उन्होंने आरोपी स्टूडेंट का सर्टिफिकेट जांच के लिए बोर्ड को ईमेल किया था। अब पुलिस जल्द ही आरोपी विद्यार्थी को गिरफ्तार करके आगामी जांच करेगी।

गुप्तचर विभाग ने इन 30 फर्जी बोर्ड की जारी की लिस्ट

हरियाणा काउंसिल ऑफ ओपन स्कूलिंग, उत्तर प्रदेश स्टेट ओपन बोर्ड, सेकेंडरी एजुकेशन ऑफ भिवानी, ग्रामीण मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान, उर्दू एजुकेशन बोर्ड, न्यू दिल्ली, हरियाणा स्टेट ओपन बोर्ड ऑफ स्कूलिंग, काउंसिल ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन मोहाली, राजकीय इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग लखनऊ, यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन लखनऊ,बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन दिल्ली, ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन दिल्ली, असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड, बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एग्जामिनेशन पटना, बोर्ड ऑफ स्कूल टेक्निकल शामिल हैं।

इसके साथ ही बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन दिल्ली, बोर्ड ऑफ सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन एजुकेशन अलीगढ़, सेंट्रल बोर्ड ऑफ हाई स्कूल इंटरमेटिड एजुकेशन, काउंसिल ऑफ ओपन स्कूल एजुकेशन राजस्थान, काउंसिल ऑफ स्कूल टेक्निकल एजुकेशन एमपी, इंडियन बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, इंदिरा गांधी बोर्ड ऑफ हाई स्कूलिंग इंटरमेटिड सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन दिल्ली, इंटरमेटिड काउंसिल ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन दिल्ली, झारखंड स्टेट ओपन स्कूल रांची, महाराष्ट्र बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, मुंबई हिंदी विद्यापीठ, प्रारंभिक शिक्षा पुनाटा, रूरल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग, संगई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, दी सेंट्रल बोर्ड ऑफ हायर एजुकेशन दिल्ली, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा मंडल दिल्ली और उत्तराखंड बोर्ड ऑफ हाई स्कूल इंटरमेटिड एजुकेशन देहरादून भी शामिल हैं