फायर सेफ्टी वीक के तहत जीएमएसएच-16 में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन

फायर सेफ्टी वीक के तहत जीएमएसएच-16 में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन

Fire Safety Mock Drill Conducted

Fire Safety Mock Drill Conducted

Fire Safety Mock Drill Conducted: फायर सेफ्टी वीक (04 से 10 मई 2026) के अंतर्गत आज 06 मई 2026 को गवर्नमेंट मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल (GMSH), सेक्टर-16, चंडीगढ़ में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया।

यह मॉक ड्रिल डॉ. दीपिंदर सिंह, नोडल अधिकारी (फायर सेफ्टी)-cum-ऑपरेशन्स हेड के पर्यवेक्षण में तथा डॉ. गौरव पवार, नोडल अधिकारी (डिजास्टर मैनेजमेंट)-cum-इंचार्ज, कैजुअल्टी विभाग के समन्वय में आयोजित की गई, जिन्होंने इस अभ्यास के दौरान इंसिडेंट कमांडर की भूमिका निभाई।

मॉक ड्रिल के दौरान बहुमंजिला भवन की 5वीं मंजिल पर आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय होते ही त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई की गई। कैजुअल्टी विभाग के अस्पताल पूछताछ कक्ष द्वारा तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया तथा ERSS-112 और फायर स्टेशन, सेक्टर-17 को भी समय पर सूचना दी गई।

इस अभ्यास में अस्पताल प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे, जिनमें निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण-cum-प्रधान चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक-cum-ज्वाइंट पीएमओ, उप चिकित्सा अधीक्षक, विभिन्न विभागाध्यक्ष, नर्सिंग अधीक्षक, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पब्लिक हेल्थ एवं इलेक्ट्रिकल विंग) के अधिकारी तथा सुरक्षा कर्मी शामिल थे।

ड्रिल का मुख्य आकर्षण 5वीं मंजिल से छह मरीजों का सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित निकासी (evacuation) रहा। यह प्रक्रिया सीढ़ियों एवं खिड़की के माध्यम से निगरानी में संपन्न की गई तथा मरीजों को सुरक्षित रूप से निर्धारित असेंबली क्षेत्र तक पहुंचाया गया। वहां रेड, येलो, ग्रीन एवं ब्लैक श्रेणियों में ट्रायेज कर चिकित्सकीय प्रबंधन किया गया।

फायर विभाग एवं फायर ब्रिगेड की टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए निर्धारित समय में स्थल पर पहुंचकर स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया। अलर्ट, संचार, निकासी एवं फायर सेवा की प्रतिक्रिया से संबंधित सभी समयांकों को मूल्यांकन हेतु दर्ज किया गया।

इस मॉक ड्रिल का सफल आयोजन अस्पताल की मरीज सुरक्षा, कर्मचारियों की तत्परता तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रकार के अभ्यास विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने एवं वास्तविक आपात स्थितियों में जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं।

यू.टी. चंडीगढ़ की निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. सुमन सिंह ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की तथा नियमित रूप से इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उच्च स्तर की तैयारियों को सुनिश्चित किया जा सके और एक सुदृढ़ स्वास्थ्य तंत्र विकसित हो सके।