"खान सर पर गोलीबारी में FIR, भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत मामला दर्ज"

"खान सर पर गोलीबारी में FIR, भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत मामला दर्ज"

FIR registered over the shooting incident involving Khan Sir

FIR registered over the shooting incident involving Khan Sir

नई दिल्ली। FIR registered over the shooting incident involving Khan Sir, पटना में खान ग्‍लोबल स्‍टडीज कोचिंग पर फायरिंग मामले में खान सर (फैसल खान) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस ने दो सुरक्षा गार्डों के अलावा खान सर पर भी FIR दर्ज की है।

यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि इस धारा के तहत खान सर को कौन-कौन सी सजा हो सकती है।

दरअसल, खान सर के कोचिंग के बाहर हुई गोलीबारी में कदमकुआं थाने में दर्ज मामले की जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। मामले से जुड़ा नया वीडियो सामने आने के बाद खान सर पर भी एफआईआर दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने आर्म्‍स एक्‍ट और झूठी सूचना के आरोप में मामला दर्ज क‍िया है।

खान सर के दो सुरक्षा गार्ड जेल भी भेजे जा चुके हैं। पुलिस द्वारा धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज करने के बाद अब खान सर पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।

खान सर पर FIR

बता दें कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) में 'हत्या के प्रयास' से जुड़ी पुरानी IPC धारा 307 को अब बीएनएस की धारा 109 में बदल दिया गया है। पुलिस ने खान सर पर इसी धारा के तहत मामला दर्ज किया है। इस धारा के तहत 10 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। इस धारा में अग्रिम जमानत भी नहीं मिलती है।

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत पुलिस संगीन और गैर-जमानती अपराध के तहत कार्रवाई करती है।
  • इस धारा के तहत पुलिस को यह अधिकार होता है कि वह घटना की जानकारी मिलते ही बिना किसी वारंट के आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर सकती है।
  • पुलिस पीड़ित या चश्मदीद की शिकायत पर तुरंत FIR दर्ज करती है।
  • पुलिस घटनास्थल से फॉरेंसिक सबूत, हथियार, CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान रिकॉर्डिंग सहित इकट्ठा करती है।
  • जांच पूरी होने के बाद पुलिस कोर्ट में सबूतों और गवाहों के आधार पर चार्जशीट दाखिल करती है।


किस पर दर्ज किया जाता है धारा 109 के तहत मामला

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 109 के तहत उन लोगों पर भी कार्रवाई की जाती है, जो खुद अपराध नहीं करते, लेकिन अपराध के लिए किसी को उकसाते हैं या साजिश रचते हैं या फिर अपराध को अंजाम देने में अपराधी की मदद करते हैं।

उदाहरण के लिए अगर मान लीजिए 'A' ने 'B' को हत्या या चोरी करने के लिए उकसाया और 'B' उस उकसावे में आकर अपराध कर देता है, तो 'A' पर धारा 109 के तहत मामला दर्ज होगा। यानी उकसाने वाले पर भी वही कार्रवाई होगी, जो मुख्य आरोपी पर होगी।

अगर मान लीजिए 'A' ने 'B' की हत्या करने के इरादे से एक बंदूक खरीदा और उस पर गोली चलाई, और गोली चलने से 'B' घायल हो जाता है, तो 'A' पर धारा 109 के तहत मामला दर्ज होगा।

खान सर के आदेश पर गार्ड ने चलाई थी गोली?

एफआईआर के अनुसार, विवाद होने के बाद बाहर आए खान सर ने कहा कि देख क्‍या रहे हो, फायर करो, जो होगा मैं समझ लूंगा। इसके बाद गार्ड प्रदीप कुमार एवं तालेबर सिंह ने दो-दो राउंड फायरिंग की। एफआईआर में दोनों गार्डों के अलावा खान सर उर्फ फैजल खान व अज्ञात को आरोपित किया गया है। यानी खान सर ने ही गोली चलाने के लिए गार्डों को उकसाया है और इसी के तहत उन पर बीएनएस की धारा 109 के तहत पुलिस ने कार्रवाई की है।