हरियाणा खेल विभाग में फर्जी ग्रेडेशन सर्टीफिकेट घोटाला!
हरियाणा खेल विभाग में फर्जी ग्रेडेशन सर्टीफिकेट घोटाला!

हरियाणा खेल विभाग में फर्जी ग्रेडेशन सर्टीफिकेट घोटाला!

हरियाणा खेल विभाग में फर्जी ग्रेडेशन सर्टीफिकेट घोटाला!

चंडीगढ़। हरियाणा सराकर द्वारा खिलाडिय़ों के ग्रेडेशन को लेकर सूची जारी किए जाने के बाद खेलकूद विभाग के शिकायतें आनी शुरू हो गई है। अब तक विभाग के पास करीब साढे तीन सौ शिकायतें आ चुकी हैं। जिन्हें जांच के लिए विजिलेंस ब्यूरो के पास भेज दिया गया है।
वर्ष 2018 में हुई ग्रुप डी की भर्ती में खेल कोटे से लगे कई खिलाडिय़ों द्वारा झूठे खेल प्रमाणपत्र बनवाने की शिकायतें खेल निदेशालय के पास पहुंची थी। इनकी हकीकत जानने के लिए खेल निदेशालय ने पिछले दिनों ग्रुप डी के तहत खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनाकर नौकरी लेने वाले खिलाडिय़ों की सूची विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की थी। हरियाणा में करीब 1200 खेल ग्रेडेशन सर्टीफिकेट बने हैं। हरियाणा के 18 जिलों के 900 खिलाडिय़ों की सूची सार्वजनिक कर बकायदा अनुरोध किया गया था कि अगर किसी सर्टिफिकेट पर संदेह है तो विभाग को सूचित करें। साथ ही खिलाडिय़ों को भी चेतावनी दी गई कि अगर किसी ने जाने-अनजाने में फर्जी खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनवाया है तो तुरंत इसे रद करवा लें। अन्यथा एफआइआर होगी। इन्हें एक सप्ताह का मौका दिया है।
खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पहले जिला स्तर पर ही बनाए जाते थे। 18 जिलों के जिन 900 खिलाडिय़ों की सूची विभाग ने अपलोड की है, उनमें रोहतक के सर्वाधिक 190, सोनीपत के 97, कैथल के 92, सिरसा के 90, कुरुक्षेत्र के 78, करनाल के 58, महेंद्रगढ़ के 54 और चरखी दादरी के 51 खिलाड़ी शामिल हैं। इसी तरह पानीपत में 48, झज्जर में 40, रेवाड़ी 23, फरीदाबाद 15, पलवल में 14, अंबाला में 11, गुरुग्राम, मेवात और यमुनानगर में 10-10 तथा पंचकूला में आठ खिलाडिय़ों ने खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर खेल कोटे से नौकरी हासिल की है।

इन जिलों से आई शिकायतें
हरियाणा में फर्जी खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी हथियाने वाले खिलाडिय़ों की धरपकड़ के लिए खेल विभाग का पैंतरा कारगर होने लगा है। खेल निदेशालय के पास एक सप्ताह में फर्जी खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट को लेकर 350 शिकायतें पहुंची हैं। खासकर हिसार, कुरुक्षेत्र, रोहतक, भिवानी, फतेहाबाद, सिरसा और महेंद्रगढ़ जिलों में शिकायतें ज्यादा हैं। संदिग्ध खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के आधार पर ग्रुप डी में नौकरी कर रहे जिन खिलाडिय़ों के खिलाफ शिकायतें सही पाई गईं, उनके खिलाफ न केवल एफआइआर दर्ज की जाएगी, बल्कि उनकी नौकरी भी जाएगी।

शिकायतों को जांच के लिए विजिलेंस के पास भेज दिया गया है। अगर किसी के पास फर्जी खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट से जुड़ी शिकायत है तो विभाग को दें, ताकि आरोपितों को पकड़ा जा सके। अभी शिकायतें आ रही हैं।
पंकज नैन, निदेशक खेलकूद विभाग हरियाणा।