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आढ़तियों को खरीद प्रक्रिया से अलग नहीं किया जाएगा : कैप्टन

सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को सुचारू ढंग से अमल में लाने के लिए सरकार देगी सहयोग

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आढ़तियों की श्ंाकाओं को दूर करते हुए कहा कि उनको खरीद प्रणाली से अलग नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आढ़तियों को भरोसा दिया कि केंद्र द्वारा तय प्रक्रिया के मुताबिक राज्य में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) को निर्विघ्न ढंग से अमल में लाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से सहयोग करेगी।
आज यहां किसान भवन में आढ़तियों के संगठन फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन द्वारा करवाए एक समागम को संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय भंडार के लिए गेहूं और धान की खरीद प्रक्रिया से आढ़तियों को बाहर करने संबंधी ए.पी.एम.सी. एक्ट में कोई संशोधन नहीं किया जायेगा। उन्होंने भरोसा दिया कि किसानों के आढ़तियों के साथ बहुत पुराने सम्बन्ध हैं और राज्य सरकार किसानों को आढ़तियों के द्वारा फ़सल की अदायगी करने की प्रक्रिया बरकरार रखेगी।

कैप्टन ने आढ़तियों की तरफ से पी.एफ.एम.एस. विधि को अपनाने के किये फ़ैसले पर भी संतोष जाहिर किया क्योंकि इसको अमल में न लाने के कारण भारत सरकार ने राज्य सरकार की 1000 करोड़ रुपए की अदायगी रोकी हुई है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संकट से जूझ रहा राज्य इस रकम के जारी होने में और देरी नहीं सह सकता और इसमें आढ़तियों को अदा किये जा चुके 500 करोड़ रुपए की राशि भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने राज्य की खरीद एजेंसियों और मंडी बोर्ड को पी.एफ.एम.एस. सॉफ्टवेयर को बरतने का प्रशिक्षण देने के हुक्म देते हुए किसानों के बैंक खातों को पी.एफ.एम.एस. पर अपलोड करने और आढ़तियों के बैंक खातों के साथ लिंक करने में भी सहायता करने के लिए कहा।

अनाज की निर्विघ्न खरीद को यकीनी बनाने के लिए राज्य सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस प्रणाली से किसानों और आढ़तियों को बहुत फ़ायदा हुआ है क्योंकि इससे भ्रष्ट प्रचलनों पर रोक लगी है जो अकालियों के शासन के दौरान खरीद कार्यों के समय होते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों की सरकार के दौरान नगद कजऱ् सीमा (सी.सी.एल.) खरीद सीजन के अंत में जारी होती थी जबकि उनकी सरकार आने के बाद इसका बंदोबस्त खरीद शुरू होने से भी पहले कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अनाज की समय पर अदायगी और ढुलाई को यकीनी बनाने में आढ़तियों से सहयोग मिलता है।

इस मौके पर खाद्य और सिविल स्पलाईज़ मंत्री भारत भूषण आशु, स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला, राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह, पनसप के चेयरमैन तेजिन्दर सिंह बिट्टू, फतेहगड़ साहिब से विधायक कुलजीत सिंह नागरा, प्रमुख सचिव खाद्य और सिविल सप्लाईज़ के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह, खाद्य और सिविल सप्लाईज़ के डायरैक्टर अनिन्दिता मित्रा और मंडी बोर्ड के सचिव धर्मपाल गुप्ता उपस्थित थे। इस मौके पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह के पुत्र रणइन्दर सिंह भी मौजूद थे।

फेडरेशन ऑफ आढ़तिया एसोसिएशन के प्रधान विजय कालड़ा, सीनियर उप प्रधान अमरजीत सिंह बराड़, उप प्रधान देवी दयाल गोयल, राजेश जैन, जि़ला तरनतारन के प्रधान महावीर सिंह गिल, जि़ला संगरूर के प्रधान जगतार सिंह धुरी, जि़ला मानसा के प्रधान जतिन्दर मोहन गर्ग और पंजाब जत्थेबंदी के सचिव हरबंस सिंह और शिव कुमार भी शामिल हुए।

फसलों से 94,200 करोड़ रुपए की कमाई हुई

कैप्टन ने बताया कि पिछले पांच खरीद सीजऩों के दौरान किसानों को गेहूं और धान की फसलों की बिक्री से 1.24 लाख करोड़ रुपए की कमाई हुई है जबकि अकालियों की सरकार होते हुए इस समय के दौरान किसानों को इन फसलों से 94,200 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद किसानों की आय में 32 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि उनकी सरकार के सत्ता संभालने के बाद से आढ़तियों को कमिशन के रूप में 3100 करोड़ रुपए की आय हुई है जबकि अकाली सरकार के दौरान उनको सिफऱ् 2356 करोड़ रुपए की आय हुई थी जो अब 32 प्रतिशत अधिक बनती है।

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