संत निरंकारी मिशन के साप्ताहिक सत्संग में विश्व बंधुत्व और आत्मिक जागृति पर दिया गया बल. 

संत निरंकारी मिशन के साप्ताहिक सत्संग में विश्व बंधुत्व और आत्मिक जागृति पर दिया गया बल. 

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Emphasis placed on universal brotherhood

बद्दी  26 जुलाई (विक्रम ठाकुर ) : Emphasis placed on universal brotherhood, संत निरंकारी मिशन का साप्ताहिक आध्यात्मिक सत्संग आज बरोटीवाला स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस दिव्य सत्संग में भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और सत्य-जिज्ञासुओं ने भाग लिया। वर्तमान सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के दिव्य मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने प्रेम, शांति और मानवीय एकता के संदेश को आत्मसात किया।सत्संग की शुरुआत भक्तिमय भजनों, कविताओं और विभिन्न भाषाओं में दिए गए आध्यात्मिक विचारों से हुई, जिसमें युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।सत्संगमानवता ही सर्वोपरि: मंच पर विराजमान बहन उषा कालिया जी (ज्ञान परचारक ) ने कहा  कि ईश्वर की पहचान ही मानव जीवन का परम लक्ष्य है। ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने पर जाति, धर्म, रंग और भाषा की दीवारें अपने आप ढह जाती हैं।आत्म मंथन, मिशन के वैश्विक संदेश को दोहराते हुए कहा गया कि बाहरी दुनिया में शांति तभी स्थापित हो सकती है जब मनुष्य का अंतर्मन शांत और शुद्ध हो। "धर्म जोड़ता है, तोड़ता नहीं।" वास्तविक भक्ति वही है जो नि:स्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में प्रकट हो।सामाजिक एवं कल्याणकारी कार्य:"मानव सेवा ही सच्ची पूजा है" मिशन केवल आध्यात्मिक प्रगति ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार में भी निरंतर योगदान दे रहा है। सत्संग का समापन सामूहिक 'लंगर' (सांझा चूल्हा) के साथ हुआ, जहाँ सभी श्रद्धालुओं ने बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जो सामाजिक समरसता और समानता का अनूठा उदाहरण है।