बुजुर्ग महिला को 9 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लाखों की ठगी: क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर डराया, बैंक खातों से करवा लिए बड़े ट्रांसफर
- By Gaurav --
- Thursday, 01 Jan, 2026
Elderly woman 'digitally arrested' for 9 days, duped of lakhs: Intimidated by
साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग महिला को नौ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने गिरफ्तारी और जेल भेजने का डर दिखाकर महिला के बैंक खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। पीड़िता की शिकायत पर मंगलवार को साइबर थाना दक्षिण में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फर्जी केस बताकर बनाया शिकार
पीड़ित महिला शशि दत्ता, निवासी सेक्टर-58, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 दिसंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उनके नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा में एक अवैध खाता खोला गया है, जिसका इस्तेमाल धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए किया जा रहा है।
जालसाजों ने महिला को डराने के लिए उन्हें क्राइम ब्रांच के हिरासत केंद्र में पेश होने को कहा। महिला के अकेली होने और असमर्थता जताने पर ठगों ने ऑनलाइन जांच के नाम पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया।
गिरफ्तारी और जेल का डर दिखाकर दबाव
पीड़िता के अनुसार ठगों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने निर्देश नहीं माने तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा, जहां उम्र अधिक होने के कारण उनका बचना मुश्किल होगा। इस तरह लगातार नौ दिनों तक दबाव और डर बनाकर उन्हें अपने नियंत्रण में रखा गया।
खातों की पहले से थी पूरी जानकारी
महिला ने बताया कि ठगों के पास उनके आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक खातों की पूरी जानकारी पहले से मौजूद थी। डर और मानसिक दबाव में आकर उन्होंने कई किस्तों में बड़ी रकम ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दी। जालसाजों ने पूरी प्रक्रिया इतनी चालाकी से करवाई कि शुरुआत में उन्हें शक नहीं हुआ।
केस दर्ज, जांच शुरू
थाना प्रभारी नवीन पराशर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (जालसाजी) और 319 (पहचान बदलकर ठगी) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस उन बैंक खातों और फोन नंबरों को ट्रैक कर रही है, जिनका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी, डिजिटल अरेस्ट या पैसे ट्रांसफर के निर्देश नहीं देती। ऐसे किसी कॉल पर तुरंत 112 या नजदीकी साइबर थाने से संपर्क क