आगरा: शिक्षा जगत में नियुक्तियों का 'महाघोटाला'? श्री दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में फर्जीवाड़े की गूंज

आगरा: शिक्षा जगत में नियुक्तियों का 'महाघोटाला'? श्री दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में फर्जीवाड़े की गूंज

Echoes of fraud at Shri Digambar Jain Inter College

A 'mega scam' in the education sector?

आगरा। A 'mega scam' in the education sector? धूलियागंज स्थित श्री दिगंबर जैन इंटर कालेज में सहायक अध्यापकों की चार नियुक्तियों को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। नियुक्तियों की प्रक्रिया में कई ऐसी गड़बड़ियां हैं, जिनसे इनके फर्जी व अवैध होने की आशंका जताई जा रही है।

सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि जिस अनुमोदन के आधार पर उक्त अभ्यर्थियों को चयन सूची में शामिल दिखाया गया है, उसी अनुमोदन के आदेश में एक शिक्षक के नाम में बदलाव कर उसके स्थान पर दूसरे शिक्षक को नियुक्ति प्रदान करने की अनुमति दे दी है।

अनुमोदन के अनुसार विद्यालय की चयन समिति ने साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक के चार पदों पर अमिता जैन, अनुज कुमार चौहान, करिश्मा चौहान और सुनीता त्यागी का चयन किया था, जबकि संबद्ध प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर सुप्रिया यादव का चयन किया गया।

जबकि तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक के हस्ताक्षर से जारी अनुमोदन आदेश में एलटी ग्रेड के तीन पदों पर अमिता जैन, अनुज कुमार चौहान और सरिता यादव के चयन को स्वीकृति दे दी गई, जबकि सरिता यादव का नाम पूर्व की चयन सूची में कहीं नहीं था। वहीं चयनित सुनीता त्यागी को नियुक्ति नहीं दी गई।

इस विरोधाभास को लेकर नियुक्तियों की पारदर्शिता पर प्रश्न उठ रहे हैं और मनमाने तरीके से लोगों को अवैध रूप से नियुक्ति देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

आदेश और तैनाती तिथि में भी काफी अंतर

उक्त नियुक्तियों को स्वीकृति देने का आदेश तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक दिवंगत दिनेश कुमार सिंह के कार्यकाल में 23 नवंबर 2023 को जारी किया गया था। इस आदेश में वर्ष 2017 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर एक रिट याचिका का हवाला देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रकरण निस्तारण का अधिकार बताया गया है।

इसी आधार पर उन्होंने तीन एलटी ग्रेड और एक संबद्ध प्राथमिक शिक्षक की नियुक्ति को अनुमोदन प्रदान कर दिया। प्रबंध समिति ने एलटी ग्रेड पद पर अमिता जैन, अनुज कुमार चौहान और सरिता यादव एवं संबद्ध प्राथमिक में सुप्रिया यादव के चयन को मान्यता देते हुए उनके वेतन भुगतान की सहमति दे दी, जिस पर डीआईओएस ने अनुमोदन कर दिया।

यह नियुक्ति आदेश 23 नवंबर 2023 को जारी हुआ, जबकि इसे एक अप्रैल 2024 से प्रभावी मानते हुए वेतन जारी करने की अनुमति दी गई। जब नियुक्ति सही थी, तो उन्होंने इतने बाद की तिथि क्यों डाली ? जबकि नियुक्ति उनके समय में हुई होती, तो वह नियुक्ति शिक्षकों को तैनानी दिलाने के सात उनके वेतन भी जारी करते जाते।

विभाग को नहीं है नियुक्ति की जानकारी

जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र शेखर ने बताया कि नियुक्ति पाने वाले उक्त चारों अभ्यर्थी विभाग में लगातार पत्राचार कर उपलब्ध कागजों के आधार पर ही वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन विभाग के पास उनकी नियुक्ति से जुडी कोई मूल पत्रावली उपलब्ध ही नहीं हैं।

विभाग ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक वह नियुक्ति से जुडी मूल पत्रावली के साथ विभागीय जिम्मेदारी के हस्ताक्षर वाली पत्रावली उपलब्ध नहीं कराते वह वेतन जारी नहीं करेंगे। फिलहाल अब तक इनका एक भी वेतन जारी नहीं किया गया है।