धर्मशाला: भाजपा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल का कांग्रेस सरकार पर शिक्षा, वन और टैक्स नीति पर हमला

धर्मशाला: भाजपा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल का कांग्रेस सरकार पर शिक्षा, वन और टैक्स नीति पर हमला

Dharamshala: BJP President Dr. Rajiv Bindal attacks

Dharamshala: BJP President Dr. Rajiv Bindal attacks

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जनता को 40 माह में 40 दंश झेलने पड़े हैं। वन अधिकारियों पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में वन, खनन, ट्रांसफर और चिटटा माफिया सक्रिय है। 

धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग का पतन किया गया है।

प्रदेश में पहले करीब 1500 स्कूलों को बंद कर दिया गया। फिर रेशनलाइजेशन के नाम पर 500 स्कूल बंद किए गए। अब स्कूल मर्ज किए जा रहे हैं, स्कूलों के मर्ज करना, उर्दू का शब्द मर्ज बन गया है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में शिक्षा का बेड़ा गर्क करके रख दिया है। स्कूलों को बंद करने, मर्ज करने से बच्चों की पढ़ाई के हो रहे नुकसान की भरपाई कौन करेगा, इसका जवाब सरकार के पास भी नहीं है। 

टैक्स को मल्टीपल कर दिया

कांग्रेस ने प्रदेश की सत्ता संभालते ही जनता पर टैक्स की मार शुरू कर दी थी, अब प्रदेश में एंट्री टैक्स के नाम पर टैक्स को मल्टीपल कर दिया गया है यानी हिमाचल आइए, लेकिन पहले भारी भरकम टैक्स दीजिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में एंट्री टैक्स लगाया जा रहा है, यदि पंजाब व हरियाणा ने टैक्स लगाया तो हिमाचल की जनता भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। 

सुक्खू सरकार पर आरोपितों को बचाने का आरोप

उन्होंने कहा कि खुद में उलझी सरकार ने अपने गलत निर्णयों से जनता को भी उलझा रखा है।
उन्होंने दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच टकराव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सुक्खू सरकार पर आरोपितों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय सरकार ने कानूनी गिरफ्तारी करने आई दिल्ली पुलिस टीम के खिलाफ एफआइआर दर्ज करके कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच टकराव पैदा कर दिया।

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस कोर्ट के आदेशों समेत कानूनी प्रक्रिया के तहत हिमाचल आई थी। हालांकि, हिमाचल पुलिस ने कथित तौर पर दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया और उनकी कार्रवाई में बाधा डाली।

उन्होंने कहा जब कोई राज्य सरकार राजनीतिक हितों के लिए एक पुलिस बल को दूसरे के खिलाफ खड़ा करती है, तो यह संवैधानिक शासन के लिए सही नही है।