महागामा को जिला बनाने की मांग ने पकड़ी रफ्तार: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का चुनावी वादा और भविष्य का खाका

महागामा को जिला बनाने की मांग ने पकड़ी रफ्तार: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का चुनावी वादा और भविष्य का खाका

Demand to Make Mahagama a District Gains Momentum

Demand to Make Mahagama a District Gains Momentum

महागामा (गोड्डा)। महागामा को जिला बनाने की मांग() एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सात वर्ष पूर्व अनुमंडल का दर्जा मिलने के बाद स्थानीय लोगों को प्रशासनिक सुविधाओं में राहत मिली, वहीं अब इसे जिला बनाने की कवायद तेज होती दिख रही है।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री सह महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि महागामा को जिला घोषित करवाना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। 

जिला मुख्यालय तक करीब 65 किलोमीटर की दूरी

गौरतलब है कि अनुमंडल बनने से पहले महागामा प्रखंड के लोगों को छोटे-बड़े सरकारी कार्यों, कोर्ट-कचहरी या पुलिस से जुड़े मामलों के लिए गोड्डा जिला मुख्यालय तक करीब 65 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी।

खासकर सीमावर्ती प्रखंड ठाकुरगंगटी के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी।लेकिन अनुमंडल बनने के बाद अधिकांश सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने लगीं, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हुई। 

चुनाव के दौरान किया था वादा

बीते विधानसभा चुनाव के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने चुनावी सभाओं में महागामा को जिला बनाने का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि गोड्डा से अलग महागामा जिले का गठन, हनवारा और बलबड्डा को प्रखंड तथा ठाकुरगंगटी को अनुमंडल का दर्जा दिलाने की दिशा में तेज कदम उठाए जाएंगे।अब एक बार फिर उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सभी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

मंत्री ने जानकारी दी कि हनवारा और बलबड्डा को प्रखंड बनाने का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि महागामा के समग्र विकास के लिए योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और जनता के सहयोग से जिला बनाने का सपना भी साकार होगा।

महागामा में स्थायी बस स्टैंड का निर्माण नहीं 

हालांकि, स्थानीय स्तर पर अब भी कई बुनियादी समस्याएं बरकरार हैं। नगर पंचायत बनने के बावजूद महागामा में स्थायी बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है।बसुआ चौक और मुख्य बाजार में ऑटो, टेंपो और बसों के अनियमित ठहराव के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।सड़क किनारे खड़े वाहनों से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

फिलहाल गोचर भूमि को अस्थायी बस स्टैंड के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जहां न तो समुचित पार्किंग व्यवस्था है और न ही पेयजल व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।इस कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिला बनाने की मांग को नई गति मिलेगी

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि यातायात समस्या को प्राथमिकता के साथ लिया गया है।बस स्टैंड निर्माण के लिए भूमि चयन, डिजाइन और अन्य प्रक्रियाओं पर तेजी से काम चल रहा है।जल्द ही बस स्टैंड के साथ शौचालय, पेयजल और पार्किंग की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस स्टैंड सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास जल्द होता है, तो महागामा अनुमंडल की छवि और मजबूत होगी।साथ ही, जिला बनाने की मांग को भी नई गति मिलेगी।अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि चुनावी वादे कब हकीकत में बदलते हैं और महागामा को जिला बनाने का सपना आखिर कब साकार होता है।