साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी रैकेट में शामिल एक और आरोपी को हरिद्वार से किया काबू

साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी रैकेट में शामिल एक और आरोपी को हरिद्वार से किया काबू

Cybercrime Police have Apprehended another Accused

Cybercrime Police have Apprehended another Accused

पकड़ा गया आरोपी कॉल-सेंटर धोखाधड़ी में इस्तेमाल के लिए जाली और फर्जी पहचान दस्तावेजों पर बैंक खाते और सिम कार्ड की व्यवस्था करने में शामिल था।

पुलिस अब तक कुल 4 आरोपियों को मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।

रंजीत शम्मी चंडीगढ़। Cybercrime Police have Apprehended another Accused: यूटी पुलिस के थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी रैकेट में शामिल एक और आरोपी को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 40 वर्षीय रोहिणी दिल्ली निवासी सुशील कौशिक के रूप में हुई है।पकड़ा गया आरोपी कॉल-सेंटर धोखाधड़ी में इस्तेमाल के लिए जाली और फर्जी पहचान दस्तावेजों पर बैंक खाते और सिम कार्ड की व्यवस्था करने में शामिल था।पुलिस अब तक कुल 4 आरोपियों को मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। जानकारी के अनुसार पता चला कि थाना साइबर क्राइम पुलिस को गुप्त सूचना और टेक्निकल तकनीक के जरिए पता चला था कि इस ठगी के रैकेट का चौथा आरोपी उत्तराखंड हरिद्वार में सक्रिय है। मामले को गंभीरता से लेते हुए और यूटी पुलिस के आला अधिकारियों के दिशा निर्देशों के चलते थाना साइबर क्राइम डीएसपी ए वेंकटेश की सुपरवीजन में थाना साइबर क्राइम प्रभारी इंस्पेक्टर इरम रिजवी की टीम ने आरोपी को हरिद्वार के एक होटल से गिरफ्तार किया।

क्या था मामला

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सैक्टर 45 निवासी ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक अज्ञात महिला से व्हाट्सएप और सामान्य कॉल आई। जिसने खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड विभाग का प्रतिनिधि बताया। उनके बैंक क्रेडिट कार्ड को अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड में बदलने और क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के बहाने शिकायतकर्ता को उनके द्वारा भेजे गए एक दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाया गया।जिसे गूगल फॉर्म का नाम दिया गया था।जिसके परिणामस्वरूप उनके मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच हो गई और उनके बैंक क्रेडिट कार्ड से एक लाख 73 हजार 463 रुपए की धोखाधड़ी से निकासी हो गई थी।

जांच का विवरण

पुलिस जांच के दौरान सीएएफ, सीडीआर आईएमईआई ट्रैकिंग और बैंक अकाउंट एनालिसिस से पता चला कि यह धोखाधड़ी नई दिल्ली के अशोक नगर इलाके से कई मोबाइल नंबरों और जाली पहचान दस्तावेजों पर खोले गए बैंक खातों के ज़रिए की जा रही थी। 07 जनवरी 2026 को अशोक नगर, तिलक नगर, पश्चिमी दिल्ली में छापा मारा गया। जिसके परिणामस्वरूप तीन आरोपी महिलाओं प्रतिमा, रोशनी और जूही सेठी को गिरफ्तार किया गया था।जो सक्रिय रूप से एक फर्जी कॉल-सेंटर चला रही थीं। उनके पास से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। जिसमें 4 लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, 82 सिम कार्ड, 55 एटीएम कार्ड, आधार और पैन कार्ड, बैंक पासबुक, चेक बुक, पीड़ितों की संपर्क सूची और अन्य डिजिटल डिवाइस शामिल थे।पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने अपने साथियों की संलिप्तता का खुलासा किया। उनके खुलासे, तकनीकी सबूत और अपराध में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड और बैंक खातों के लिंक के आधार पर, 22 जनवरी 2026 को हरिद्वार, उत्तराखंड में एक और छापा मारा गया। इसके परिणामस्वरूप, आरोपी सुशील कौशिक (40 वर्ष) निवासी विजय विहार रोहिणी दिल्ली को एक होटल हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया।पूछताछ के दौरान, सुशील कौशिक ने स्वीकार किया कि वह कॉल-सेंटर धोखाधड़ी में इस्तेमाल के लिए जाली और फर्जी पहचान दस्तावेजों पर बैंक खाते और सिम कार्ड की व्यवस्था करने में शामिल था। उसने खुलासा किया कि वह इन खातों और सिम कार्ड को मुख्य कॉल-सेंटर ऑपरेटर अजय सिंह मान को पैसे के बदले सप्लाई करता था। अन्य साथियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने, सरगना का पता लगाने, जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके खोले गए अतिरिक्त बैंक खातों और सिम कार्ड को वेरिफाई करने, ठगी की गई रकम को रिकवर करने और देश भर में प्रभावित पीड़ितों की कुल संख्या का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।