हिमाचल में मुख्य सचिव नियुक्ति को लेकर माकपा का विरोध तेज
- By Gaurav --
- Monday, 25 May, 2026
CPM Opposes Proposed
हिमाचल Pradesh में मुख्य सचिव पद पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता की प्रस्तावित नियमित नियुक्ति और सेवा विस्तार को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध जताते हुए इसे प्रशासनिक पारदर्शिता और संस्थागत शुचिता के खिलाफ बताया है।
माकपा के हिमाचल प्रदेश राज्य सचिव संजय चौहान ने रविवार को जारी बयान में कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार और कदाचार से जुड़े गंभीर आरोपों की न्यायिक जांच चल रही हो, उसे राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पद पर नियुक्त करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर इस प्रस्तावित नियुक्ति और सेवा विस्तार को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
चौहान ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका ‘तिलक राज बनाम राज्य सरकार’ का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने 19 मई को राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने दावा किया कि याचिका में अधिकारी के खिलाफ तीन लंबित एफआईआर और दो आपराधिक मामलों का उल्लेख है।
माकपा नेता ने कहा कि मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए बेदाग छवि और उच्च नैतिक मानकों वाले अधिकारी की आवश्यकता होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी का नाम चेस्टर हिल्स में कथित बेनामी भूमि सौदों और एचपीपीटीसीएल की खरीद तथा बिजली पारेषण परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों में भी सामने आ चुका है।
माकपा ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे आरोपों के बावजूद नियुक्ति की जाती है तो इससे प्रशासनिक विश्वसनीयता और जनता के विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।