बिजनौर में सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- "हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है"

बिजनौर में सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, बोले- "हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है"

1000263979

CM Yogi launches a scathing attack on the opposition in Bijnor

बिजनौर: CM Yogi launches a scathing attack on the opposition in Bijnor, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ चुनावी मोड में दिखने लगे हैं. बिजनौर में वह शुक्रवार को पहुंचे तो जिन्ना और गन्ना की बात की. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें कहती थीं कि अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण नहीं हो सकता. उपद्रव को वो नियंत्रित नहीं कर सकते थे तो इसलिए वो कावड़ यात्रा पर रोक लगा देते थे. जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाते थे. श्री रामनवमी की शोभा यात्रा पर रोक लगाते थेय दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाते थे. उन्होंने कहा कि ये वो बाँटने वाले लोग हैं जिन्हें जिन्ना पसंद हैं,हमें जिन्ना नहीं, हमें गन्ना पसंद है. इस दौरान उन्होंने जोगेंद्र नाथ मंडल का भी जिक्र किया, जो विभाजन के दौरान पाकिस्तान चले गए थे. 

सीएम ने कहा, 'आज आप देखते होंगे,बांग्लादेश में क्या पाप होता है. वहां दलित मारा जाता है तो लोगो के मुंह बंद हो जाते हैं. कोई नही बोलता. उनके घर जलाए जाते हैं. योगेंद्र नाथ मंडल के पाप के कारण ये हत्याएं हो रही हैं. जब यह देश आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा था तो उस समय देश में दो महापुरुष थे, जो उस समय दलितों की आवाज़ बनकर देश की आज़ादी की लड़ाई में अपना योगदान देते थे. एक बाबा साहब भीमराव अंबेडकर थे, दूसरे थे जोगेंद्र नाथ मंडल. बाबासाहेब आंबेडकर सदैव भारत की आज़ादी के लिए ब्रिटिशर्स के खिलाफ मोर्चाबंदी करते थे. योगेंद्र नाथ मंडल भी इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढाते रहे.

बिजनौर की रैली में चीफ मिनिस्टर ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आंबेडकर को अपमानित करने का काम किया, लेकिन जब देश की आज़ादी नजदीक आई. तब जोगेंद्र नाथ मंडल मुस्लिम लीग के बहकावे में आ गए. देश आजाद हुआ, बाबा साहब  भारत के न्याय कानून मंत्री बनते हैं और योगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान चले जाते हैं और वहां के कानून मंत्री बनते हैं. परिणाम क्या हुआ, देश का विभाजन होता है. विभाजन के बाद भी हिंदुओ का कत्लेआम नहीं रुका. योगेंद्र नाथ मंडल से वहां के प्रधानमंत्री ने कहा हम इस्लामिक स्टेट के रूप में पाकिस्तान को मान्यता दी है. योगेंद्र नाथ मंडल को जान बचाकर भागकर हिंदुस्तान आना पड़ा. 

'गुमनाम मर गए जोगेंद्रनाथ और मसीहा बनकर पूजे गए आंबेडकर'

उन्होंने कहा कि 1950 से लेकर अगले 15 से 17 साल में वह व्यक्ति गुमनाम जीवन जीकर हमेशा के लिए इतिहास में विलीन हो गया, जबकि बाबासाहेब आज भारत और दुनिया मे वंचितों, दलितों के मसीहा के रूप में पूज्य हो गए।  एक ने देश के विभाजन का कार्य किया, एक ने देशहित का काम किया. इसके आगे उन्होंने कहा कि कुछ लोग फिर से आ गए हैं. नाम बाबा साहब का लेंगे,लेकिन काम योगेंद्र नाथ मंडल का करेंगे. उनकी इस टिप्पणी को चंद्रशेखर आजाद पर तंज माना जा रहा है, जो बिनौर, नगीना और आसपास के इलाकों में बीते कुछ सालों में चर्चित हुए हैं. वह खुद नगीना लोकसभा सीट से सांसद भी हैं. 

'दलितों को जाट, ब्राह्मण और क्षत्रिय से लड़ाने की साजिश'

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दलितों पर उत्पीड़न होता है तो उनके मुंह पर फेविकोल लग जाता है, लेकिन जब जाति के नाम पर हिंदू को हिंदू के साथ लड़ाना होता है तो वो आगे रहते हैं. सीएम ने कहा कि दलित को जाट के साथ, ब्राह्मण के साथ, क्षत्रियों के साथ, वैश्य के साथ लड़ाकर सामाजिक ताने बाने को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं। हमे इस दुष्प्रवृत्तियों से सतर्क सावधान रहना होगा. इनका विकास का एजेंडा नहीं है. ये लोग तो अराजकता गुंडागर्दी के बल पर गरीबो की आवाज़ को दबाते हैं.

कौन थे जोगेंद्र नाथ मंडल, जिनका दशकों बाद भी चर्चा में नाम

बता दें कि जोगेंद्र नाथ मंडल एक दलित नेता था, जो विभाजन के पश्चात पाकिस्तान चले गए थे. वह पाकिस्तान के पहले कानून मत्री भी बने थे, लेकिन कुछ सालों में ही वापस लौट आए थे. यही नहीं उनका एक लेटर आज भी चर्चा में रहता है. यह पत्र उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम लियाकत खान को लिखा था. उन्होंने कहा था कि हम पाकिस्तान में एक सेकुलर मुल्क बनाने के लिए रुके थे, लेकिन यहां मेरे समाज की उपेक्षा होती है. उनके ऊपर अत्याचार हो रहा है और कोई भी उन्हें रोकने के लिए तैयार नहीं है. यही कारण है कि जोगेंद्र नाथ मंडल के पाकिस्तान जाने का आज भी उदाहरण दिया जाता है.