सीएम योगी ने किया आरएमसी का शुभारंभ, मौसम चेतावनी सेवाएं होंगी और मजबूत

सीएम योगी ने किया आरएमसी का शुभारंभ, मौसम चेतावनी सेवाएं होंगी और मजबूत

CM Yogi Inaugurates RMC

CM Yogi Inaugurates RMC

लखनऊ: CM Yogi Inaugurates RMC: प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन को अब और मजबूती मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र में परिवर्तित करने के कार्यक्रम में कहा कि मेट्रोलॉजी का यह क्षेत्रीय केंद्र प्रदेश के किसानों और आम जनता के लिए वरदान साबित होगा.

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान मे सीएम योगी ने कहा कि देश में किसानों की प्रगति और आपदाओं में जन-धन की हानि रोकने के लिए जो प्रयास होने चाहिए थे, उनमें पहले कमी नजर आती थी, लेकिन पिछले 12 वर्षों में मौसम विभाग में बड़ा बदलाव आया है. 12 साल पहले मौसम विभाग जो बोलता था, उसके विपरीत होता था. मौसम की सटीक जानकारी मिल रही है और इसका सीधा लाभ आम आदमी को मिल रहा है.

CM योगी (Video Credit: ETV Bharat)मुख्यमंत्री ने सहारनपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि शिवालिक पहाड़ी की तलहटी में स्थित मां शाकुम्भरी देवी मंदिर में जब भारी बारिश हुई, उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु कीर्तन में शामिल थे. समय पर मिले अलर्ट के कारण सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जिससे दर्जनों मौतें टल गईं. सही समय पर अलर्ट आने का परिणाम यह हुआ कि व्यापक जनहानि को रोक दिया गया. नहीं तो बड़ी त्रासदी हो जाती.

क्लाइमेट चेंज से बदला मौसम चक्र: सीएम योगी ने जलवायु परिवर्तन को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि क्लाइमेट चेंज के कारण मौसम चक्र लगभग एक महीने खिसक गया है. इसका असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है. यदि यही स्थिति रही तो दुनिया के सामने खाद्यान्न का भीषण संकट खड़ा हो सकता है. हमने प्रकृति का दोहन अपने स्वार्थ के लिए किया है, अब उसके परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं.

यूपी के लिए क्यों अहम है क्षेत्रीय केंद्र: मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है. देश का हर 16वां-17वां व्यक्ति यूपी से है. प्रदेश के पास कृषि योग्य भूमि देश की कुल भूमि का सिर्फ 11 फीसदी है, लेकिन यही 11 फीसदी भूमि देश के 21 फीसदी खाद्यान्न का उत्पादन करती है. अगर समय पर हमें मौसम और वर्षा की जानकारी नहीं मिलेगी तो हम अपने अन्नदाता किसानों के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे.क्षेत्रीय मौसम केंद्र की स्थापना से प्रदेश को बड़ा लाभ होगा.

सैटेलाइट और बीमा योजना पर जोर: सीएम योगी ने बताया कि उन्होंने इसरो से अनुरोध किया था कि राज्य सरकार के पास भी अपना एक सैटेलाइट हो, ताकि मौसम की और सटीक जानकारी मिल सके. उन्होंने बिजली गिरने से होने वाली मौतों का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता देती है. साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की सटीक भविष्यवाणी और समय पर चेतावनी व्यवस्था से न केवल फसल बचाई जा सकेगी, बल्कि जानमाल की हानि भी रोकी जा सकेगी.लखनऊ केंद्र के क्षेत्रीय केंद्र बनने से पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक किसानों को समय पर मौसम की जानकारी मिलेगी, जिससे बोआई, कटाई और आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी.

सीएम की पाती

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगी की कलम से पहल के तहत प्रदेशवासियों को जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि आधुनिकता जरूरी है, लेकिन प्रकृति से विमुख होकर नहीं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अपनी यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर जारी की. सीएम योगी ने अपने संदेश में चिंता जताई कि वर्षा ऋतु में कीट-पतंगों की आवाज, गर्मियों की रातों में जुगनुओं की चमक और सुबह गौरैया-मैना का कलरव, जो कभी दैनिक जीवन का हिस्सा थे. आज शहरों में दुर्लभ हो चुके हैं. उन्होंने इसे लुप्तप्रायः स्थिति को जीवन के लिए खतरे का सूचक बताया.

वन्यजीव संरक्षण में यूपी की उपलब्धियां: मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पहले जब उन्होंने कार्यभार संभाला, तब पर्यावरण संरक्षण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया.

इसके परिणामस्वरूप

  • उत्तर प्रदेश में बाघों, तेंदुओं और राज्य पक्षी सारस की संख्या में लगातार वृद्धि हुई.
  • प्रदेश के 13 स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित रामसर सूची में जगह मिली.
  • वर्षों बाद तराई के घास के मैदानों में दुर्लभ ‘जर्डन्स बैबलर’ पक्षी और दुधवा टाइगर रिजर्व में 117 साल बाद ‘पेंटेड कीलबैक’ सर्प दिखाई दिए.

सनातन संस्कृति से जोड़ा प्रकृति का महत्व: सीएम योगी ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रकृति के हर जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है. उन्होंने प्रभु श्रीराम की सेना का उदाहरण देते हुए कहा कि वानर, ऋक्ष, जटायु और गिलहरी तक का योगदान था, जो मानव, प्रकृति और जीव-जंतुओं के परस्पर आश्रित रहने का परिचायक है.

युवाओं से की विशेष अपील: मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि जब भी प्रकृति के बीच जाएं तो केवल पर्यटक बनकर नहीं, बल्कि जिज्ञासु विद्यार्थी की तरह उस स्थान को परखें. उन्होंने लोगों से अपने अनुभवों को ब्लॉग और आलेखों के माध्यम से साझा करने और गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को इन्हें स्कूली प्रोजेक्ट का विषय बनाने को कहा. सीएम ने संदेश के अंत में कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता और अपनापन ही हमारी जैव विविधता के सबसे बड़े संरक्षक हैं.