"बेमौसम बारिश से फसल नुकसान पर सीएम सख्त, जल्द मुआवजे के निर्देश"

"बेमौसम बारिश से फसल नुकसान पर सीएम सख्त, जल्द मुआवजे के निर्देश"

CM Takes Strict Stance on Crop Damage

CM Takes Strict Stance on Crop Damage

मुख्यमंत्री का अधिकारियों को निर्देश, हर हाल में करें नुकसान का आकलन

समय से उचित मुआवजा दिया जाए और किसानों को राहत देने में ढिलाई न हो

लखनऊ। CM Takes Strict Stance on Crop Damage, बीते सात दिन से प्रदेश के हर कोने में हो रही बारिश ने जनजीवन काफी प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वाधिक परेशान अन्नदाता की हर पीड़ा का संज्ञान लिया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीते कई दिनों से प्रदेश में बेमौसम बारिश के साथ ही ओला गिरने से फसलें खराब होने पर गहरी चिंता व्यक्त करने के साथ ही किसानों को तत्काल मदद देने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को पहले सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों के प्रकरणों का संज्ञान लेने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से बारिश से परेशान किसानों को राहत मिली है। उन्होंने सभी जगह पर खराब फसलों का संज्ञान लिया है। पीलीभीत और रामपुर में बारिश से काफी फसल खराब हुई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी नुकसान का हर हाल में आकलन करें। सभी किसानों को समय से उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने सपष्ट कहा कि किसानों को राहत देने में कहीं पर भी कोई ढिलाई न हो।

बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से रबी की फसलों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी विपरीत परिस्थितियों में किसानों का चिंतित होना स्वाभाविक है और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रभावित किसान और बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष और समयबद्ध आकलन किया जाए, और तत्काल मुआवज़ा सुनिश्चित किया जाए।

राजस्व विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से प्रत्येक जिले को तत्काल पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जिला मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को सहायता शीघ्रता और पारदर्शिता के साथ प्रदान की जाए। जहां भी आवश्यकता हो, राहत शिविर स्थापित किए जाएं और मंडी समितियाँ भी किसानों को हर संभव सहयोग प्रदान करें।