नानकमत्ता में गरजे सीएम धामी: 'देवभूमि में मतांतरण और लव-थूक जिहाद पर सख्त एक्शन, संस्कृति से खिलवाड़ करने वाले जाएंगे जेल'

नानकमत्ता में गरजे सीएम धामी: 'देवभूमि में मतांतरण और लव-थूक जिहाद पर सख्त एक्शन, संस्कृति से खिलवाड़ करने वाले जाएंगे जेल'

CM Dhami Roars in Nanakmatta:

CM Dhami Roars in Nanakmatta: 'Strict Action Against Religious Conversion

सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। CM Dhami Roars in Nanakmatta:, नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतांतरण, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसे मुद्दों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि देवभूमि में समाज को बांटने वाली और संस्कृति से खिलवाड़ करने वाली मानसिकता को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि भोले-भाले लोगों को बहकाकर उनकी आस्था से खिलवाड़ करने वालों की जगह केवल सलाखों के पीछे होगी।

गुरुद्वारा रोड पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि तराई क्षेत्र में मतांतरण की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कुछ राष्ट्रविरोधी और समाज विरोधी ताकतें थारू समाज सहित भोले-भाले लोगों की मासूमियत का फायदा उठाने का प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऐसे मामलों को रोकने के लिए देश का सबसे कठोर मतांतरण विरोधी कानून लागू किया है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में मतांतरण की शिकायत मिलने पर तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह देवभूमि है, यहां अधर्म और छल का खेल नहीं चलेगा। हमारी संस्कृति और परंपराओं से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।'

उन्होंने कहा कि सरकार लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी गतिविधियों पर भी लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

इस दौरान कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, ब्लाक प्रमुख सरिता राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति आदि मौजूद रहे।

महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उन्होंने घास की रोटियां खाना स्वीकार किया, जंगलों में भटकना स्वीकार किया, लेकिन मुगलों के सामने कभी घुटने नहीं टेके।

उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और स्वाभिमान की अमर गाथा है। कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन आज भी युवाओं को राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता है। राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना ही महाराणा प्रताप के जीवन का सबसे बड़ा संदेश है।

थारू समाज की संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की यह पवित्र धरती गुरुओं के आशीर्वाद से पावन है और यहां आकर उन्हें विशेष खुशी का अनुभव हो रहा है।

उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित थारू समाज के लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी संस्कृति, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति से जुड़ाव देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है।

आधुनिक दौर में भी थारू समाज ने जिस प्रकार अपनी परंपराओं और मूल्यों को सहेजकर रखा है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। राज्य सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

जनजातीय समाज के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए गए हैं।

प्रधानमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने बताया कि एकलव्य माडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना और प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आवास योजना के तहत आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है और मकान निर्माण लागत बढ़ाई गई है।

ऊधम सिंह नगर में इस योजना के तहत करीब तीन करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ मिला है।

शिक्षा और छात्रावासों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय युवाओं को यूपीएससी, पीसीएस और आईआईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए देहरादून में 'आदि लक्ष्य संस्थान' की स्थापना भी की जा रही है।

महिलाओं को स्वरोजगार और बेटियों को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है।

महिलाओं को एक करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और आठ करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता दी गई है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। ऊधम सिंह नगर में सबसे अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिला है।

मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, गुरुद्वारा साहिब में टेका मत्था

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इससे पहले उन्होंने नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

नानकमत्ता को पूर्ण तहसील और नगर पालिका बनाने की उठी मांग

कार्यक्रम संयोजक एवं पूर्व विधायक डा. प्रेम सिंह राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों की मांग रखी।

उन्होंने नानकमत्ता उप तहसील को पूर्ण तहसील बनाने तथा नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा देने का अनुरोध किया।

उन्होंने क्षेत्र की पुरानी घोषणाओं को शीघ्र पूरा कराने, सड़क निर्माण, सुंदरीकरण और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई।