हरियाणा में सिविल सर्जनों को मिली बड़ी ताकत, वित्तीय अधिकार 1 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाएंगे

हरियाणा में सिविल सर्जनों को मिली बड़ी ताकत, वित्तीय अधिकार 1 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाएंगे

Civil Surgeons in Haryana granted significant powers

Civil Surgeons in Haryana granted significant powers

 चंडीगढ़। Civil Surgeons in Haryana granted significant powers, हरियाणा में सिविल सर्जन अब और पावरफुल होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिविल सर्जन की वित्तीय शक्ति को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अनुमोदन के इंतजार में विकास कार्य बाधित न हों। अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने और आवश्यक कार्य करवाने के लिए सिविल सर्जन, लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों और एनजीओ की कमेटी कमियों को दूर करने के लिए तत्परता से कार्य करेंगी।

सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण तथा मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधा संपन्न बनाया जाएगा। इस दौरान 12 जिलों, अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत व नूंह के जिला अस्पतालों के चल रहे नवीनीकरण कार्यों का मूल्यांकन किया गया।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, लोकनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह तथा नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉ. आरएस ढिल्लों ने विभिन्न परियोजनाओं को लेकर अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बढ़ती सुविधाओं का असर है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में 8.83 प्रतिशत मरीजों के इलाज पर सरकार द्वारा 26 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया गया था, वहीं 2025-26 में 32 प्रतिशत मरीजों ने योजना के तहत अपना इलाज सरकारी अस्पतालों में करवाया। इस पर सरकार ने 126 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया है।

सरकारी अस्पतालों में एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे सहित लगभग 140 प्रकार के टेस्ट करवाने की आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। उन्होंने सभी प्रकार की लैब को हाई-टेक करने तथा अस्पतालों में पेयजल, शौचालयों, पंखों, एसी, साफ-सफाई, पेंट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे ताकि बिजली जरूरतें इसी से पूरी हो सकें। इन सोलर प्लांट को नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड से जोड़ा जाएगा ताकि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाए। उन्होंने अस्पतालों की भीतरी दिवारों, विशेषकर जच्चा-बच्चा वार्ड के सौंदर्यीकरण के लिए आकर्षक वाल पेंटिंग करवाने को कहा। इस मानसून सीजन में स्वास्थ्य संस्थानों में 17 हजार पौधे लगाए जाएंगे जिनमें से 3000 पौधे लगाए जा चुके हैं।

महिलाओं में स्तन कैंसर की जांच के लिए लगेंगी मैमोग्राफी मशीनें

महिलाओं में स्तन कैंसर की जांच और समय पर उपचार की सुविधा के लिए जिला नागरिक अस्पताल पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल और नारनौल के अलावा गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। इन मशीनों की स्थापना से महिलाओं को अपने ही जिले में उन्नत स्तन कैंसर जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने अन्य जिलों में भी मैमोग्राफी मशीनों की स्थापना करवाने तथा जच्चा-बच्चा वार्डों में एयरकंडीशनिंग सुविधा उपलब्ध करवाने का निर्देश देते हुए कहा कि जहां संभव हो, वहां पीपीपी मोड में अस्पताल चलाए जाएं।