बिजली बिल पर 10% ईंधन अधिभार विवाद के बीच ऊर्जा विभाग की समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री योगी

बिजली बिल पर 10% ईंधन अधिभार विवाद के बीच ऊर्जा विभाग की समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री योगी

Chief Minister Yogi to review the Energy Department

Chief Minister Yogi to review the Energy Department

लखनऊ। Chief Minister Yogi to review the Energy Department, बिजली बिल के साथ 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क वसूले जाने का विरोध और आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा करेंगे।

नियामक आयोग द्वारा 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क वसूली आदेश को विनियमों के विरुद्ध कहे जाने और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा पावर कारपोरेशन प्रबंधन पर बिना सहमति लिए बिजली महंगी किए जाने के आरोप लगाए जाने के बाद सीएम की समीक्षा को अहम माना जा रहा है। संभव है कि मुख्यमंत्री बिजली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कुछ कड़े आदेश जारी करें।

ऊर्जा मंत्री द्वारा अपर मुख्य सचिव व पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल की कार्यशैली पर प्रश्न लगाते हुए लिखा गया पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। मंत्री ने लिखा है कि उनकी सहमति के लिए बिना ही बिजली 10 प्रतिशत महंगी कर दी गई।

यह भी आरोप लगाया है कि अनुभवी कर्मियों की छंटनी किए जाने और जाति-धर्म व भ्रष्टाचार के तहत मनमाने तरीके से लोगों की भर्तियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से कर्मचारी और उपभोक्ता संगठनों को काफी उम्मीदें हैं।

पावर कारपोरेशन के आदेश पर रोक लगाने की मांग

उपभोक्ता परिषद ने इस महीने बिजली बिल के साथ 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क वसूले जाने के पावर कारपोरेशन के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है, जबकि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए हटाए गए संविदा कर्मियों को फिर से कार्य पर वापस लेने की मांग मुख्यमंत्री से की है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि बिजली कंपनियों द्वारा बिजली बिल के साथ वसूले जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क को गंभीरता से लेते हुए सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए वसूली पर रोक लगानी चाहिए।

नियामक आयोग स्पष्ट कर चुका है कि पावर कारपोरेशन द्वारा 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क लिए जाने का आदेश विनियमों के अनुरूप नहीं है। इसके बाद भी उपभोक्ताओं से ईंधन अधिभार शुल्क की वसूली की जा रही है, जिससे बिजली उपभोक्ताओं में असंतोष है।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सकारात्मक हस्तक्षेप करने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया है। इसके लिए सेवा से हटाए गए संविदा कर्मियों को फिर से कार्य पर लेने और बिजली कार्मिकों का उत्पीड़न समाप्त कराने की मांग की है।