बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट ने सीपीएल से पहले खिलाड़ियों के लिये आयोजित किया सत्र,
BCCI's Anti-Corruption Unit organised
चंडीगढ़, BCCI's Anti-Corruption Unit organised, बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) के अधिकारियों ने आगामी चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) 2026 में भाग लेने वाले खिलाड़ियों सपोर्ट स्टाफ और फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए एक जागरूकता सत्र आयोजित किया।
इस सत्र का संचालन बीसीसीआई की एसीयू के अधिकारियों ने किया जिन्होंने क्रिकेट में ईमानदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।
यह ब्रीफिंग एसीयू के सीनियर इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर रवींद्र दोइफोड़े, एसीयू के मैनेजर आरके सिंह और प्रभाकर बर्की ने दी, जो मुंबई पुलिस में ऊंचे पदों पर काम कर रहे थे। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने सट्टेबाजी नेटवर्क, सट्टेबाजों और बाहरी तत्वों द्वारा उत्पन्न संभावित जोखिमों को उजागर किया जो मैचों के परिणाम को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने निरंतर सतर्कता और बीसीसीआई द्वारा निर्धारित आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को सोशल मीडिया, फोन कॉल या अनौपचारिक बातचीत के माध्यम से जाने या अनजाने में संवेदनशील जानकारी साझा करने के खतरों के बारे में भी याद दिलाया। इस सत्र में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के वास्तविक जीवन के केस स्टडीज़ शामिल थे, जिनसे खिलाड़ियों को यह समझने में मदद मिली कि भ्रष्टाचार के प्रयास कैसे बीसीसीआई और पुलिस के समक्ष आ सकते हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए यूटीसीए के सचिव हरि सिंह खुराना ने कहा की क्रिकेट अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता और जुनून के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बीसीसीआई की एंटी क्रप्शन यूनिट का मार्गदर्शन हमारे खिलाड़ियों को खतरों को पहचानने और जिम्मेदारी से जवाब देने के लिए तैयार करने में अमूल्य है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यूटीसीए में स्वच्छ क्रिकेट को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।