पुलिस की बड़ी लापरवाही : गिरफ्तारी के अगले ही दिन कोर्ट से छूटा 67 लाख के इमिग्रेशन फ्रॉड का आरोपी
Major Police Negligence
चंडीगढ़, 7 फरवरी: Major Police Negligence: शहर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच जिला अदालत में पुलिस की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया, जहां 67 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी में गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट ने गिरफ्तारी के अगले ही दिन रिहा करने के आदेश दे दिए।
सेक्टर-17 थाना पुलिस ने फ्लाई आउट इमिग्रेशन नाम से कंपनी चलाने वाले अभिनव डोगरा को 3 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उसे 4 फरवरी को जिला अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड की मांग की गई। हालांकि अदालत ने रिमांड देने के बजाय गिरफ्तारी को ही गैरकानूनी करार देते हुए मौके पर रिहाई के निर्देश दे दिए।
क्यों गैरकानूनी मानी गई गिरफ्तारी
आरोपी की ओर से पेश एडवोकेट अभय जोशी ने दलील दी कि पुलिस ने ‘ग्राउंड ऑफ अरेस्ट’ यानी गिरफ्तारी के आधार की लिखित सूचना न तो आरोपी को दी और न ही उसके परिवार को।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत गिरफ्तारी के कारणों की लिखित जानकारी देना अनिवार्य है, ताकि आरोपी अपना बचाव तैयार कर सके। बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले मिहिर राजेश शाह बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र का हवाला भी दिया, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि लिखित आधार न देने पर गिरफ्तारी अवैध मानी जाएगी।
सरकारी वकील ने तर्क दिया कि आरोपी के भाई को गिरफ्तारी की जानकारी दे दी गई थी और वह मामले के तथ्यों से अवगत था, लेकिन अदालत के समक्ष इसका कोई लिखित रिकॉर्ड पेश नहीं किया जा सका। इस पर जज ने गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए आरोपी को रिहा करने का आदेश दे दिया।
केस की मेरिट पर असर नहीं
अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी को अवैध मानकर रिहा करने का मतलब यह नहीं है कि केस खत्म हो गया। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमा अपनी प्रक्रिया के अनुसार चलता रहेगा।
67 लाख रुपये की ठगी का आरोप
मामला मौलीजागरां निवासी पारस छाबड़ा और सेक्टर-34 निवासी हरप्रीत कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
पारस का आरोप है कि कनाडा में पीआर दिलाने के नाम पर उससे 15.21 लाख रुपये लिए गए, न वीजा लगा और न ही रकम लौटाई गई।
हरप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि उसने 52.13 लाख रुपये दिए।
दोनों से मिलाकर कुल 67.34 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। पुलिस इससे पहले गुलशन त्यागी नामक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।