नाबालिग से दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग मामले में आरोपी बरी

Accused acquitted in minor rape and blackmailing case

Accused acquitted in minor rape and blackmailing case

चंडीगढ़ की विशेष पॉक्सो अदालत का फैसला, सबूतों के अभाव में मिली राहत

चंडीगढ़, 7 फरवरी: चंडीगढ़ की फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी से जुड़े मामले में आरोपी रोहित कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. यशिका द्वारा सुनाया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 376(2)(n), 506 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मुकदमा चल रहा था।

क्या था मामला

अभियोजन के अनुसार पीड़िता की आरोपी से अगस्त 2022 में जान-पहचान हुई थी। आरोप था कि आरोपी उसे होटल ले गया, जहां दुष्कर्म किया गया। साथ ही आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने और वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप था। इस संबंध में एफआईआर 31 जुलाई 2023 को दर्ज की गई थी।

अदालत की अहम टिप्पणियां

फैसले में अदालत ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया:
पीड़िता के बयान में तारीख, स्थान और घटनाक्रम को लेकर गंभीर विरोधाभास पाए गए।
घटना की रिपोर्ट करने में करीब 13 महीने की देरी हुई, जिसका संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्य आरोपों की पुष्टि नहीं करते।
प्रस्तुत इलेक्ट्रॉनिक सबूत यह साबित नहीं कर पाए कि फोटो या वीडियो आरोपी ने बनाए या वायरल करने की धमकी दी।
अदालत ने कहा कि जब पीड़िता का बयान पूर्ण रूप से भरोसेमंद न हो और अन्य साक्ष्य उसका समर्थन न करें, तो केवल उसी आधार पर दोषसिद्धि करना सुरक्षित नहीं है।

आदेश

अदालत ने आरोपी रोहित कुमार को सभी आरोपों से बरी करते हुए निजी मुचलका भरने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा।