लखनऊ के महिला आश्रम में संवासिनी की मौत का मामला: छह दिन बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआइआर; मामला दबा रहे अधिकारी
लखनऊ के महिला आश्रम में संवासिनी की मौत का मामला: छह दिन बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआइआर; मामला दबा रहे अधिकारी

लखनऊ के महिला आश्रम में संवासिनी की मौत का मामला: छह दिन बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआइआर; मामला दबा रहे

लखनऊ के महिला आश्रम में संवासिनी की मौत का मामला: छह दिन बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआइआर; मामला दबा रहे अधिकारी

लखनऊ। मोतीनगर स्थित अपना घर आश्रम में मानसिक मंदित संवासिनी (23) की रॉड से पिटाई कर दी गई। वह शाम तक दर्द से बिलबिलाती रही और मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। यानी ये गैर इरादतन हत्या का मामला बना। पर, इस मामले में छह दिन बाद भी किसी ने एफआईआर नहीं दर्ज करायी। कानूनी तौर पर पुलिस को सूचना तक नहीं दी। इस बारे में न तो कार्यालय प्रभारी कोई कार्रवाई कर रहे हैं और न ही पुलिस अपनी ओर से इस बारे में कोई कदम उठा रही है। यह जरूर है कि मामले के तूल पकड़ने पर डीएम ने जांच के आदेश दे दिये। जांच के नाम पर भी खानापूर्ति ही हो रही है।

संवासिनी की मौत के मामले में डीपीओ की जांच में वहां के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आयी है। इस पर ही केयर टेकर सीमा को हटा दिया गया था जबकि कार्यालय प्रभारी पिंकी कनौजिया को नोटिस जारी कर दी गई है। नाका इंस्पेक्टर मनोज मिश्र ने बुधवार को आश्रम में जाकर अपने स्तर से जांच की थी। पर, यहां नाका पुलिस को जवाब मिला कि इसकी मजिस्ट्रीयल जांच चल रही है। इस जांच के बाद ही आगे कोई कार्रवाई की जायेगी। पर, इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है जब संवासिनी की मौत की वजह सिर पर चोट लगना पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है तो एफआईआर क्यों नहीं लिखवायी जा रही है।

जांच सुस्त चल रही

इस मामले की जांच भी सुस्त रफ्तार से चल रही है। दावा किया जा रहा है कि शनिवार को संवासिनी की उसके साथ बंद अन्य संवासिनियों ने राड से पिटाई कर दी थी। उसे मौत हो जाने तक अस्पताल नहीं ले जाया गया। वह दर्द से कराहती रही थी। मौत के बाद हड़कम्प मचा तो इसकी जांच शुरू कर दी गई। यह जांच भी सुस्त चल रही है। पहले दिन ही सामने आ गया था कि आश्रम कर्मचारियों की लापरवाही से ही उसकी मौत हुई। सब चेत जाते तो यह घटना भी नहीं होती। बावजूद इसके किसी ने अभी तक एफआईआर नहीं दर्ज करायी।

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अभी जांच चल रही है। बड़ा आश्रम के प्रबधन्क व कार्यालय प्रभारी से कह दिया गया है कि पुलिस को सूचना दे दें। अब तक सूचना दे दी गई होगी।

विकास सिंह, डीपीओ

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पुलिस खुद ही निरीक्षण करने गई थी। कुछ कर्मचारियों के बयान भी लिये गये थे। पर, अभी तक आश्रम की ओर से कोई लिखित सूचना या तहरीर नहीं दी गई है।

मनोज मिश्र,प्रभारी, नाका कोतवाली