कैंपस फ्रंट आफ इंडिया का नाम आया सामने, खुफिया एजेंसियों को मिले महत्वपूर्ण सुराग
कैंपस फ्रंट आफ इंडिया का नाम आया सामने

कैंपस फ्रंट आफ इंडिया का नाम आया सामने, खुफिया एजेंसियों को मिले महत्वपूर्ण सुराग

कैंपस फ्रंट आफ इंडिया का नाम आया सामने, खुफिया एजेंसियों को मिले महत्वपूर्ण सुराग

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार ने सेना को मजबूत करने और युवाओं को सेना में अधिक-से-अधिक मौका देने के लिए अग्निपथ योजना लॉन्च की है। लेकिन यह योजना अब साजिश का शिकार हो चुकी है। जिस तरह ट्रेन की बोगियों में आग लगायी जा रही, उससे पता चलता है कि यह काम सेना में जाने के इच्छुक युवा कभी नहीं करेंगे। सैनिक देश की रक्षा के लिए अपनी जान देता है ना कि अपने ही देश पर हमला और उसे जलाने का काम करेंगे। चेहरे पर नकाब लगाए और हाथ में लाठी लेकर ट्रेन फूंकने वाले अग्निवीर नहीं हो सकते हैं। इसलिए इस हिंसा के पीछे गहरी साजिश के संकेत मिल रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैला कर युवाओं को भड़काने और माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है।

सपा नेता ने आत्मदाह की फर्जी तस्वीर शेयर कर भड़काया

दरअसल अग्निपथ योजना को लेकर छात्रों और युवाओं को भड़काया जा रहा है। साजिश के तहत जहां तथ्यों को तोड़-मोरड़कर पेश किया जा रहा है, वहीं योजना के विरोध में आत्मदाह जैसी झूठी खबरें फैलायी जा रही हैं। समाजवादी पार्टी की नेता रचना सिंह ने अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन में आत्मदाह करने वाले छात्रों (अग्निवीर) के नाम पर एक फर्जी तस्वीर शेयर की। उन्होंने एक ट्वीट में तस्वीर शयेर करते हुए लिखा, “आर्मी की तैयारी कर रहे उन छात्रों से अनुरोध है कि वे आत्महत्या न करें। (मोदी) सरकार को अपना फैसला वापस लेना होगा और यह युवाओं की जीत होगी। उम्मीद मत खोना।”

जब इस तस्वीर की पड़ताल की गई तो पाया गया कि दूसरी तस्वीर पर टाइम स्टैंप ‘2022/6/4 14:44’ लिखा है यानि यह तस्वीर इस साल 4 जून को दोपहर 2:44 बजे ली गई थी। एक लोकप्रिय ट्विटर यूजर (@Befitting Facts) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक रासायनिक कारखाने में विस्फोट के दौरान घायल हुए कर्मचारियों की ये तस्वीरें हैं। न कि आत्महत्या की। ऐसे में समाजवादी पार्टी की नेता रचना सिंह ने योजना को आधार बनाकर माहौल ख़राब करने के लिए तस्वीरें शेयर की। लेकिन जैसे ही उन्हें तस्वीर के फेक होने की जानकारी मिली, उन्होंने ट्वीट को डिलीट कर दिया।

बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के घर को उड़ाने की साजिश

उधर बिहार के बेतिया में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के घर पर उपद्रवियों ने जिस तरह हमला किया, वो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। उपद्रवियों ने उनके घर के पास गैस सिलेंडर फेंककर उड़ाने की कोशिश की। डॉ संजय जायसवाल ने कहा- मेरे घर पर हमला करने वालों को मैं पहचानता हूं। सीसीटीवी में सभी उपद्रवी कैद हैं। मेरे घर को किरोसिन तेल, मोबिल से जलाने की कोशिश की गई है। सिलेंडर बम से घर उड़ाने की कोशिश की गई। पुलिस की ओर से कारगर कदम नहीं उठाया गया था। अगर पुलिस सख्त होती तो मेरे घर पर हमला नहीं होता। उन्होंने कहा कि पूरी साजिश के तहत मेरे घर पर हमला हुआ है। 

बिहार में हिंसा के पीछे राजद की साजिश-जायसवाल

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने इसके लिए सीधे तौर पर राजद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अभी जो प्रदर्शन चल रहा है। उससे छात्रों का कोई लेना-देना नहीं है। राजद के गुंडों ने पूरे राज्य में आतंक मचा रखा है। यही लोग ट्रेनों को टारगेट कर रहे हैं। उनका कहना है कि रेलवे ने स्टेशन से जब उपद्रवी शहर की ओर निकले थे, उस समय ही मैंने सक्षम अधिकारियों को सूचित कर दिया था। लेकिन उपद्रवी मेरे घर तक पहुंच गए। परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। इससे कहीं न कहीं आंदोलन के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं।

उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास पर हमला

इसी तरह बिहार की उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास पर उपद्रवियों ने जमकर पथराव किया, जिसमें उनके घर का शीशा टूट गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर भीड़ को खदेड़ा। डिप्टी सीएम के आवास में किराएदार और अन्य स्टाफ रहते हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस को सूचना देने के बाद भी तुरंत मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। रेणु देवी ने कहा कि अग्निपथ योजना के बारे में हमारे छात्र नहीं समझ पा रहे। हमारे छात्र ग़लत काम कर ही नहीं सकते। ये विपक्ष के गुंडे हैं जो सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। अग्निपथ योजना सैन्य माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित करने से संबंधित है।

बिहार के नवादा में थाना उड़ाने की साजिश

इस बीच नावाद के रजौली थाना उड़ाने की साजिश सामने आई है। आर्मी ड्रीम बॉयज नामक वाट्सएप ग्रुप में कई आपत्तिजनक चैटिंग हुई है। जिसमें थाना उड़ाने, प्रदर्शन में पिस्टल, एके-47 लाने की चर्चा है। इस चैट में थाने को उड़ाने की साजिश रची जा रही है। इंटरनेट मीडिया पर यह चैट तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे लेकर पुलिस प्रशासन काफी अलर्ट मोड में हैं। अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानों की पुलिस रजौली में गश्त कर रही है। एहतियात के तौर पर जिला मुख्यालय से बड़ी संख्या में पुलिस बल बुला ली गई है। सुबह से ही अधिकारी सड़क पर उतरे हुए हैं।

खुफिया एजेंसियों के हाथ लगे महत्वपूर्ण सुराग

हालांकि हिंसक प्रदर्शन को लेकर खुफिया एजेंसियों के हाथ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। इसके तहत कुछ राजनैतिक दल और संगठन युवाओं को भड़काने में लगे हैं। सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के मुताबिक, साजिश के तहत इस योजना की आड़ में बिहार की तरह यूपी की कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश हो रही है। यूपी के एडीजी कानून व व्‍यवस्‍था प्रशांत कुमार न बताया कि खुफिया एजेंसियों के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। उनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का नाम आया सामने

दरअसल खुफिया एजेंसियों को कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के नाम से एक व्हाट्सएप चैट हाथ लगा है जिसमें 17 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ सड़कों पर उतरने और माहौल को बिगाड़ने की अपील की गई है। अब खुफिया एजेंसी इस चैट के माध्यम से अपनी जांच को आगे बढ़ा रही हैं। यूपी के एडीजी कानून व व्‍यवस्‍था प्रशांत कुमार ने कहा कि खुफिया एजेंसी को अग्निपथ विरोध को लेकर अहम सुराग लगे हैं, जिसमे कुछ संगठनों के नाम सामने आए हैं। अब इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया भारत में एक नया छात्र संगठन है, जिसे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का स्‍टूडेंट विंग माना जाता है।