Threats to kill: बिग ब्रेकिंग हरियाणा के विधायकों को जान से मारने के इन नंबरों से आते थे फ़ोन ...
Threats to kill: बिग ब्रेकिंग हरियाणा के विधायकों को जान से मारने के इन नंबरों से आते थे फ़ोन ...

Threats to kill: बिग ब्रेकिंग हरियाणा के विधायकों को जान से मारने के इन नंबरों से आते थे फ़ोन ...

Threats to kill: बिग ब्रेकिंग हरियाणा के विधायकों को जान से मारने के इन नंबरों से आते थे फ़ोन ...

चंडीगढ़ । Threats to kill:  हरियाणा  पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी  जानकारी  के अनुसार 24-06-22 से लेकर दिनांक 28-06-22 तक प्रदेश के 4 विधायकों को मिडिल ईस्ट देशों के मोबाईल नम्बरों से जान से मारने की धमकी व पैसे वसूली के अलग अलग नंबरों से फोन आये है। जिस पर अलग अलग एफआईआर दर्ज की गई व सभी एफआईआर की तफ्तीश डीजीपी हरियाणा श्री प्रशांत कुमार अग्रवाल द्वारा स्पेशल टास्क फोर्स हरियाणा को दी गई। इन मोबाइलों के तकनीकी विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया कि ये मिडिल ईस्ट देशों के नम्बर है व पाकिस्तान में बैठकर ओपरेट किये जा रहे हंै। इसी तरीके से पंजाब के पूर्व विधायकों को भी इसी प्रकार से इन्हीं नंबरों से धमकी दी गई है। इन सभी माननीय विधायकों से अलग अलग भाषा/तरीका चैट या बातचीत की गई। जैसे बम्बईया स्टाईल या पंजाबी भाषा प्रयोग की गई।

Threats to kill: आईजीपी एसटीएफ हरियाणा मुकदमों की तफ्तीश की

आईजीपी एसटीएफ हरियाणा श्री सतीश बालन द्वारा इन सभी मुकदमों की तफ्तीश के लिए एक एसआईटी श्री सुमित कुमार एसपी एसटीएफ के नेतृत्व मे बनाई गई। जिसमे श्री सन्दीप धनखड डीएसपी एसटीएफ व श्री सुरेन्द्र किन्हा डीएसपी एसटीएफ के नेतृत्व मे एसटीएफ यूनिट की टीमे तैयार की गई। करीब 15 दिन लम्बे चले इस ऑपरेशन को डीजीपी हरियाणा श्री प्रशांत कुमार अग्रवाल द्वारा व्यक्तिगत तौर पर सूपरवाइज व मॉनिटर किया गया। इस विषय में पुलिस महानिदेशक, हरियाणा के द्वारा सेन्ट्रल एजेंसी की भी मदद ली गई। एसटीएफ द्वारा इन सभी मोबाइल नम्बरों व आईपी अडैªस का तकनीकी विश्लेषण किया व सेन्ट्रल एजेंसी का भी सहयोग लिया गया। इस तकनीकी विश्लेषण मे करीब 5 टीमों ने अलग अलग कार्य किया । इस कडी मे काम करते हुए एसटीएफ हरियाणा द्वारा एक रणनीतिक योजना तैयार की गई। जिस पर एसटीएफ ने एक सुनियोजित प्लान के तहत इनको पैसें देने के लिए उनके खाता नम्बर व मोबाईल नम्बर मांगें। उन खाता नम्बरो को ट्रेस करने के लिए 2 अलग अलग टीमों द्वारा मुम्बई व मुजफ्फरपुर बिहार मे रेड की गई ।

Threats to kill: बिग ब्रेकिंग हरियाणा के विधायकों को जान से मारने के इन नंबरों से आते थे फ़ोन ...

Threats to kill: मुम्बई से इस गैंग के निम्नलिखित दोषी गिरफ्तार हुए 

1.  दुलेश आलम पुत्र बब्लु आलम वासी गांव दमावरा थाना साठी जिला बेतिया बिहार  
2. बदरे आलम पुत्र शाहे आलम वासी गांव बिगरा मिल थाना दुधारा जिला बस्ती यूपी 
इनके कब्जे से करीब 20 पास बुक / चैक बुक व इनके 18 एटीएम वा 14 फर्जी सिम व 1 डायरी व 5 मोबाईल फोन बरामद किये गये । 

Threats to kill: इसी तरह मुजफ्फरपुर बिहार से एसटीएफ द्वारा 4 दोषियों 

3. अमित यादव उर्फ राधेश्याम कुमार यादव पुत्र जयराम यादव वासी गांव हजियापुर डाकखाना मानिकपुर थाना गोपालगंज जिला गोपालगंज बिहार 
4. सद्दीक अनवर पुत्र मोहम्मद सफीउल्लाह वासी गांव तुरकोलिया फतेहटोला डाकखाना बंजरिया जिला मोतीहारी बिहार ,
5. सनोज कुमार पुत्र महेश पण्डित वासी गांव पोरखरेरा थाना कांटी जिला मुजफ्फरपुर बिहार , 
6. कैश आलम पुत्र बबलु आलम वासी गांव दमौरा थाना साठी जिला बेतिया बिहार 
गिरफतार किये। जिनके कब्जे से 2 पासबुक/चैक बुक, 2 डायरियां, 1 रजिस्टर, 42 मोबाईल सिम ,19 मोबाईल फोन, 37 एटीएम कार्ड बरामद किये।
                    अब तक आरोपियों से 55 एटीएम कार्ड, 24 मोबाईल फोन, 56 मोबाईल सिम, 22 पासबुक/चैकबुक, 3,97,000 रुपये, एक गाड़ी टाटा पुन्च, 3 डायरियां बरामद की गई है।
                     ये लोग आम आदमी/गरीब व्यक्तियों से सम्पर्क करके उनको लालच देकर (15-20 हजार रुपये तक) उनका बैंक में खाता खुलवाकर उस खाते की सारे कागजात (बैंक पासबुक,चैक बुक, ए टी एम कार्ड, ए टी एम पासवर्ड) अपने पास रख लेते थे। साथ ही हर खाते को ओपरेट करने के लिए फर्जी सिम कार्ड खरीद लेते थे।  इन रेड के दौरान मुम्बई पुलिस क्राइम ब्रांच व एसटीएफ बिहार व बिहार पुलिस का पुर्ण सहयोग एसटीएफ हरियाणा को मिला। तफ्तीश के दौरान इन दोषियों से करीब-करीब 10 ऐसे पाकिस्तान मे रहने वाले व्यक्तियों का पता लगा जिनके द्वारा धमकियां दी जाती थी व एक्सटॉरशन का पैसा मंगवाया जाता था। 
                     पूरी तफ्तीश  से यह तथ्य स्पष्ट है कि ये सभी धमकीयां व एक्सटॉरशन कॉल न तो किसी आपराधिक गैंग की है व  न ही कि किसी आतंकी संगठन की हंै। बल्कि यह एक प्रोफेशनल आर्थिक फ्रॉड करने वालो का बहुत चालाक गैग है। जिनके साथी पाकिस्तान व मिडिल ईस्ट व भारत  मे बैठे हुए है। विदेश बैठे अपराधी धमकी देकर, कौन बनेगा करोडपति या लाटरी निकलने का लालच देकर पीड़ित से पैसे निकलवाते तथा दुलेष/अमित द्वारा दिये गये बैंक खातों मे पीड़ित से पैसे डलवाते। दुलेष व अमित इन पैसों को या तो एटीएम से निकालकर या पाकिस्तान मे बैठे अपराधियों द्वारा दिये गये भारतीय बैंक खातों मे डलवाते है।
                      इस पुरे  ऑपरेशन के दौरान सेंट्रल एजेंसी, महाराष्ट्र पुलिस व बिहार पुलिस का पूरा सहयोग एसटीएफ हरियाणा को मिला है।