CAG रिपोर्ट का खुलासा: जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों में करोड़ों के मेडिकल उपकरण पड़े बेकार
- By Gaurav --
- Saturday, 11 Apr, 2026
CAG Report Exposes Unused Medical
जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार बीमार नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के नाम पर करोड़ों रुपये के मेडिकल उपकरण खरीदे गए, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया गया और कई उपकरण अस्पतालों में पड़े-पड़े एक्सपायर तक हो गए।
रिपोर्ट में बताया गया कि जम्मू के SMGS अस्पताल के लिए मार्च 2022 तक लगभग 82 लाख रुपये की लागत से 10 मेडिकल उपकरण खरीदे गए थे। इनमें इंक्यूबेटर, पल्स ऑक्सीमीटर, रेडिएंट वार्मर, वॉल मॉनिटर, इन्फ्यूजन पंप, सी-पैप, फोटो थेरेपी मशीन, डिफिब्रिलेटर, पेशेंट मॉनिटर और सीटीजी मशीन शामिल हैं। इन उपकरणों की वारंटी 2017 से 2021 के बीच की थी, लेकिन इन्हें इस्तेमाल में ही नहीं लाया गया, जिससे यह खरीद बेकार साबित हुई।
इसके अलावा वर्ल्ड बैंक की सहायता से चल रहे जेहलम तवी फ्लड रिकवरी प्रोजेक्ट के तहत जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JKMSCL) ने सप्लायरों के साथ 289.69 करोड़ रुपये की मेडिकल वस्तुओं की आपूर्ति का समझौता किया था। कैग के मुताबिक 5,868 वस्तुओं में से 68 वस्तुएं, जिनकी कीमत करीब 10.22 करोड़ रुपये थी, मार्च 2022 तक प्राप्त ही नहीं हुईं। वहीं लगभग 123.41 करोड़ रुपये की 3,150 वस्तुएं 306 दिन या उससे अधिक की देरी से पहुंचीं। हालांकि जनवरी 2025 में जेकेएमएससीएल के वित्त सलाहकार और सीएओ ने दावा किया कि 290 करोड़ रुपये की सभी वस्तुओं की आपूर्ति पूरी हो चुकी है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि वर्ल्ड बैंक की सहायता से खरीदी गई करीब 1.61 करोड़ रुपये की 24 मशीनें ऊधमपुर के ट्रॉमा केयर सेंटर के लिए ली गई थीं, लेकिन स्टाफ और स्थान की कमी के कारण उनका संचालन शुरू ही नहीं हो सका। नतीजतन ये महंगी मशीनें अस्पताल में बिना इस्तेमाल के पड़ी धूल फांक रही हैं।
कैग रिपोर्ट ने सवाल उठाया है कि जब ट्रॉमा सेंटर में स्टाफ और पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं थी तो फिर इतनी महंगी मशीनों की खरीद क्यों की गई। इससे सरकारी खरीद प्रक्रिया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।