यूपी के शहरों को मिलेंगे ₹2000 करोड़: कैबिनेट के फैसले से बुनियादी सुविधाओं का रास्ता साफ
Cabinet Decision Paves the Way for Basic Amenities
लखनऊ। Cabinet Decision Paves the Way for Basic Amenities, नगरीय निकायों (नगर निगमों, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत) और विकास प्राधिकरणों को जल्द ही लगभग दो हजार करोड़ रुपये मिल जाएंगे। कैबिनेट द्वारा पिछले दिनों किए गए निर्णय के बाद स्टांप एवं निबंधन विभाग दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी की धनराशि जारी करने में जुट गया है।
जारी की जाने वाली धनराशि में लगभग 1300 करोड़ रुपये पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की है जबकि तकरीबन 700 करोड़ रुपये चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के हैं।
स्टांप एवं निबंधन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि शहरी क्षेत्र की अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री पर विकास के मद में वसूली जाने वाली दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी अब तक तय फार्मूले से चार त्रैमासिक किस्तों में नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, विकास प्राधिकरण, औद्योगिक प्राधिकरण, आवास विकास परिषद, डेडिकेटेड अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड को देने की व्यवस्था रही है।
इस वजह से जारी नहीं की जा सकती थी रकम
नियमानुसार पहली तिमाही की धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र(यूसी) उपलब्ध कराए जाने पर ही स्टांप एवं निबंधन विभाग तीसरी किस्त जारी करता था लेकिन ज्यादातर निकाय, प्राधिकरण आदि तय अवधि में यूसी ही नहीं दे रहे थे जिससे लगभग दो हजार करोड़ रुपये विभाग के पास जमा होने के बावजूद उसे जारी नहीं किया जा सकता था।
मंत्री ने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि कई निकायों ने बुनियादी सुविधाओं के बजाए दूसरे मदों में धनराशि खर्च कर दी है जिससे वे अब यूसी नहीं दे पा रहे हैं। वाराणसी में दूसरे मद में धनराशि खर्च करने के एक मामले में तो उन्होंने खुद रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
जायसवाल ने बताया कि शहरवासियों को सड़क, नाली, सीवर, जल निकासी आदि की बेहतर बुनियादी सुविधायें मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता मे पिछले दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में तिमाही के बजाय छमाही किस्त निकायों-प्राधिकरणों को उपलब्ध कराने का निर्णय़ किया गया है।
ऐसे में अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी की धनराशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का रास्ता साफ करने के लिए कैबिनेट ने तिमाही के बजाय अब छमाही किस्त की व्यवस्था लागू करने का निर्णय किया है।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि पिछले वित्तीय वर्ष के 1300 करोड़ रुपये और मौजूदा के लगभग 700 करोड़ रुपये जल्द ही नगरीय निकायों व प्राधिकरणो को उपलब्ध करा दिए जाएं। महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने बताया कि जल्द ही सभी संबंधित को धनराशि उपलब्ध कराने का शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।