मिशन 2027: भाजपा ने तेज की बूथ स्तर पर तैयारी, हर वोट पर नजर रखने की रणनीति

मिशन 2027: भाजपा ने तेज की बूथ स्तर पर तैयारी, हर वोट पर नजर रखने की रणनीति

BJP Intensifies Booth-Level Preparations

BJP Intensifies Booth-Level Preparations

लखनऊ। Mission 2027, चुनावी कुरुक्षेत्र में उतरने से पहले भाजपा हर बूथ की राजनीतिक धड़कन भांपने में जुटी है। भाजपा हर विधानसभा सीट का समीकरण समझेगी। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह मंगलवार को लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में बड़ी बैठक कर बूथ प्रबंधन पर सभी 98 जिलाध्यक्षों की कॉपी जांचेंगे।

विपक्षी दलों की मजबूती, कमजोरी व रणनीति पर रिपोर्ट भी मांगी गई है। माहभर में 1918 मंडलों के 27633 शक्ति बूथों समेत कुल 162459 बूथों को मथने का लक्ष्य है। वहीं, बंगाल चुनाव के माइक्रोमैनेजमेंट को लेकर संगठन को होमवर्क भी दिया जाएगा।

वर्ष 2024 काक लोकसभा चुनाव छोड़ दें तो भाजपा ने यूपी में संगठन की धार से 2017 से लेकर अब तक हर चुनावी रण जीता है। मिशन-2027 को लेकर संगठन को चुनाव से छह माह पहले ही नए तेवर के साथ मैदान में उतारा जा रहा है। बंगाल एवं असम की प्रचंड जीत की लहर पर सवार होकर भाजपा तीसरी बार यूपी में विजय पताका फहराने में जुटी है। पार्टी को पीडीए की धार कुंद करनी है, वहीं जातीय उबाल से बीच बीच में उठती लहरों को भी थामना है।

ऐसे में पार्टी बूथों का नट बोल्ट नए सिरे से कसकर राजनीतिक जमीन मजबूत कर रही है। साल में पहली बार पूरी तरह चुनावी तैयारियों को लेकर सभी छह छह क्षेत्रीय अध्यक्षों, प्रदेश महामंत्रियों, जिलाध्यक्षों एवं जिला प्रभारियों को बुलाया गया है। पहले सत्र में जिलाध्यक्षों से केंद्र संयोजकों एवं शक्ति केंद्र प्रभारियों की सूची मांगी गई है। उन्हें मंडल प्रवास, प्रवासियों की संख्या एवं सत्यापन कार्य की रिपोर्ट देनी होगी।

नई बूथ समितियों के गठन व मैपिंग, बूथ पर निवास करने वाले जिला स्तर के दो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की सूची एवं जिले की कोर कमेटी की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। कोर कमेटी की बैठक द्वारा प्रस्तावित प्राधिकरण सदस्यों का पैनल, उपभोक्ता फोरम सदस्य का पैनल एवं जेल विजिटरों का भी रिकॉर्ड मांगा गया है।

वहीं, दूसरे सत्र में बूथों के राजनीतिक एवं जातीय समीकरण, चुनाव पर असर डालने वाले कारकों पर चर्चा होगी। जिलाध्यक्षों को प्रत्याशियों की स्थिति, मतदाताओं के रुझान और सरकारी योजनाओं के जमीनी असर पर रिपोर्ट देनी होगी। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि ब्रज, पश्चिम, कानपुर, गोरखपुर, काशी एवं अवध क्षेत्र में अलग-अलग समीकरण प्रभावी हैं, ऐसे में जिलाध्यक्षों से चुनावी गणित ठीक करने के लिए फीडबैक भी लिया जाएगा।