बिहार को एआई हब बनाने की तैयारी, गूगल-माइक्रोसॉफ्ट समेत चार बड़ी कंपनियों से होगा समझौता
Preparations underway to make Bihar an AI hub
पटना। Preparations underway to make Bihar an AI hub, बिहार एआई का हब बनेगा। इसके लिए गूगल, माइक्रोसाफ्ट, सर्वम और को-रोवर जैसी बड़ी कंपनियां बिहार की मदद करेंगी। शीघ्र ही इन कंपनियों के साथ बिहार सरकार का समझौता भी होगा। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस बैठक में करीब 46 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार सरकार ने राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एआई आधारित पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए चार प्रमुख तकनीकी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया है। इनमें गूगल क्लाउड इंडिया, माइक्रोसाफ्ट इंडिया, सर्वम तथा को-रोवर शामिल हैं।
एआई तकनीक की पहुंच आम नागरिकों और सरकारी अधिकारियों तक आसान बनाना, आधुनिक डिजिटल अवसंरचना तैयार करना तथा शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। इसके माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात प्रबंधन, पर्यटन, वित्तीय सेवाओं और लोक सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।
समझौतों के तहत सरकारी अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंजीनियरिंग, पालिटेक्निक और मेडिकल कालेजों के विद्यार्थियों के लिए एआई से जुड़े पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे तथा प्रशिक्षकों को भी तैयार किया जाएगा। राज्य के शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इन समझौतों के माध्यम से स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा सुरक्षित डिजिटल ढांचे, डेटा सुरक्षा, क्लाउड नीति निर्माण और नागरिक सेवाओं के लिए एकीकृत डेटा मंच विकसित करने में भी सहयोग मिलेगा।
विकसित भारत-जी राम जी मिशन को मंजूरी, ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिन रोजगार
मंत्रिमंडल ने महात्मा गांधी नरेगा के तहत गठित बिहार ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद को निरस्त कर विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत-जी राम जी योजना, बिहार-2026 के अनुरूप नई बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के गठन को मंजूरी दी है।
यह परिषद योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी मामलों में सरकार को परामर्श देगी तथा निगरानी एवं शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा करेगी। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र परिवार को वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी। साथ ही तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति की शक्तियों का विकेंद्रीकरण कर योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन का किया गया है।
14 जिलों में बनेंगे 34 आवासीय छात्रावास
सरकार ने जनजातीय एवं अत्यंत कमजोर जनजातीय समुदायों के बच्चों की शिक्षा को मजबूत आधार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत कुल 101.67 करोड़ रुपये की लागत से 34 आवासीय छात्रावासों के निर्माण और संचालन को मंजूरी दी है। इन छात्रावासों का उद्देश्य दूरदराज और वंचित जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है।
धरती आबा अभियान के तहत 8 जिलों में बनेंगे 19 छात्रावास
मंत्रिमंडल की स्वीकृति के अनुसार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत राज्य के आठ जिलों में 19 छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना पर 60.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें 36.25 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 24.17 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि पश्चिम चंपारण, कटिहार, बांका, भागलपुर, जमुई, कैमूर, रोहतास और पूर्णिया जिलों में 100-100 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावास स्थापित किए जाएंगे।
इनका संचालन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की तर्ज पर किया जाएगा। छात्रावासों में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को आवास, भोजन और अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक आधारभूत संरचना और आजीविका के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा विकास की खाई को कम करना है। यह अभियान भारत सरकार की विभिन्न मंत्रालयों की सहभागिता से संचालित किया जा रहा है।
पीएम-जनमन योजना से अत्यंत कमजोर जनजातियों को मिलेगा लाभ
मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत राज्य के छह जिलों में 15 छात्रावासों के निर्माण एवं संचालन को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर 41.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें 24.75 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 16.50 करोड़ रुपये राज्य सरकार की हिस्सेदारी होगी। योजना के अंतर्गत कैमूर, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, भागलपुर और पूर्णिया जिलों में छात्रावास स्थापित किए जाएंगे।
इनका लाभ असुर, बिरहोर, बिरजिया, हिल खड़िया, माल पहाड़िया, सौरिया पहाड़िया, महली और सवर जैसी अत्यंत कमजोर जनजातियों के विद्यार्थियों को मिलेगा, जिनकी शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच अभी भी सीमित है।
दोनों योजनाओं के तहत बनने वाले छात्रावासों में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवासीय वातावरण, नियमित अध्ययन की सुविधा और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 के भीतर निर्माण और संचालन की प्रक्रिया पूरी कर जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।
बिहार में मास्टर प्लान को मिलेगा मजबूत नेतृत्व, प्रमंडलीय आयुक्त होंगे अध्यक्ष
बिहार सरकार ने शहरी नियोजन और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 (यथासंशोधित) में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए प्रविधान के तहत अब प्रमंडलीय आयुक्त को आयोजना क्षेत्र प्राधिकार का पदेन अध्यक्ष तथा जिला पदाधिकारी को पदेन उपाध्यक्ष नामित किया जाएगा।
सरकार के इस निर्णय से आयोजना क्षेत्र प्राधिकार का नेतृत्व जिला स्तर से ऊपर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हाथों में होगा। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी और क्षेत्रीय विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
डेहरी को ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के रूप विकसित किया जाएगा
रोहतास जिला के डेहरी को ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के रूप विकसित किया जाएगा। यह राज्य का 12 वां सैटेलाइट टाउनशिप होगा। इस निर्णय के बाद डेहरी में टाउनशिप का विकास भूमि क्रय, भूमि अधिग्रहण एवं टाउनशिप प्लानिंग स्कीम के अनुरूप किया जाएगा। उधर, सीतामढ़ी, छपरा, मुजफ्फरपुर व भागलपुर आयोजना क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी दी गयी। यहां नए टाउनशिप का विकास तेजी से होगा।