सोनीपत में खापों का बड़ा फैसला: प्रदेश में रात की शादियों, डीजे और शराब पर प्रतिबंध का प्रस्ताव
- By Gaurav --
- Sunday, 01 Mar, 2026
Big decision of Khaps in Sonipat: Proposal to ban night
सोनीपत के गांव सिसाना में ओल्ड रोहतक और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की विभिन्न खापों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद बड़े फैसले लिए गए। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में प्रदेश में होने वाली शादियों को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब प्रदेश में शादियां रात के समय आयोजित नहीं की जाएंगी, बल्कि सभी विवाह समारोह दिन के समय संपन्न होंगे।
बैठक की अध्यक्षता दहिया खाप के प्रतिनिधि जसपाल दहिया ने की। उन्होंने बताया कि रात के समय होने वाली शादियों में शराब के सेवन के कारण झगड़े और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि रात में डीजे और शराब के कारण कई बार विवाद इतना बढ़ जाता है कि मारपीट और हत्या जैसी गंभीर घटनाएं भी सामने आती हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए यह प्रस्ताव रखा गया कि शादियां दिन में आयोजित की जाएं, ताकि अनावश्यक विवादों से बचा जा सके।
बैठक में डीजे पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई। प्रतिनिधियों का मत है कि तेज आवाज में बजने वाले डीजे से माहौल तनावपूर्ण हो जाता है और शराब के प्रभाव में लोग अक्सर झगड़े पर उतर आते हैं। इसलिए सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से डीजे और शराब के सेवन दोनों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। खाप प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम समाज में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
इसके अलावा बैठक में लिव-इन रिलेशनशिप के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सभी प्रतिनिधियों ने इस विषय पर असहमति जताते हुए सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग करने का निर्णय लिया। खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस विषय पर अपनी बात रखेंगे और लिव-इन रिलेशनशिप के खिलाफ कड़ा कानून लाने की मांग करेंगे।
बैठक के अंत में यह भी निर्णय लिया गया कि खाप प्रतिनिधि इन फैसलों को लेकर गांव-गांव जाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे। उनका उद्देश्य समाज में अनुशासन, पारंपरिक मूल्यों और आपसी सौहार्द को बनाए रखना है। प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समाज इन नियमों का पालन करेगा तो आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी और सामाजिक वातावरण बेहतर होगा।
इस बैठक के फैसलों को लेकर प्रदेशभर में चर्चा तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और इन प्रस्तावों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।