चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, असली अलॉटी न हुआ तो आवंटन होगा रद्द, दर्ज होगा केस
चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला

चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, असली अलॉटी न हुआ तो आवंटन होगा रद्द, दर्ज होगा केस

चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, असली अलॉटी न हुआ तो आवंटन होगा रद्द, दर्ज होगा केस

पुनर्वास स्कीम, स्मॉल फ्लैट स्कीम और अफोर्डेबल रेंटल हाऊसिंग स्कीम के तहत आवंटित फ्लैटों का होगा सर्वे, जल्द पहुंचेगी अफसरों की टीम

-टीम चैक करेगी, फ्लैट या मकान में असली अलॉटी या कोई ओर, उसके अनुसार होगी कार्रवाई

सीएचबी को हाल ही में मिली शिकायतें, असली अलॉटी बेच चुके हैं या मकान या कर दिया है ट्रांसफर

चंडीगढ़, 5 जुलाई (साजन शर्मा)

चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड जल्द ही पुनर्वास स्कीम, स्मॉल फ्लैट स्कीम और अफोर्डेबल रेंटल हाऊसिंग स्कीम के तहत आवंटित फ्लैटों में सर्वे करने जा रहा है। इस सर्वे में यह देखा जा रहा है कि कहीं असली आवंटी ने यह फ्लैट किसी को बेच तो नहीं दिये या फिर किराये पर तो नहीं चढ़ा रखे। सीएचबी के नियमों मुताबिक न तो यह फ्लैट बेचे जा सकते हैं और न ही इन्हें किराये पर चढ़ाया जा सकता है। केवल अलॉटी या उनके परिवार के सदस्य ही इसमें रह सकते हैं।

सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग के मुताबिक उन्हें हाल ही में शिकायतें मिली हैं कि कई ओरिजनल अलॉटियों ने फ्लैट या तो बेच दिये हैं या फिर इन्हें अवैध तरीके से ट्रांसफ र कर दिया है। चूंकि नियमों के मुताबिक इन्हें न तो बेचा जा सकता है और न ही ट्रांसफ्र किया जा सकता है लिहाजा यह सीधे सीधे टर्म एंड कंडीशन की अवहेलना है। ऐसे लोगों पर धोखाधड़ी का आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है। यशपाल गर्ग ने बताया कि अगले कुछ दिनों में सीएचबी इन फलैटों का सर्वे करने जा रहा है। सीएचबी के अफसरों की टीम हर फलैट में पहुंचेगी और कई पहलुओं को जांचेगी। टीम देखेगी कि फ्लैट अलॉटी व उसके पारिवारिक सदस्यों के कब्जे में है। क्या अलॉटी नियमित तौर पर मासिक रेंट, लाइसेंस फीस व किश्तें दे रहा है या नहीं। क्या उस फ्लैट के अगेंस्ट कोई पैंडिंग ड्यूज तो नहीं है। सर्वे के वक्त सीएचबी के अधिकारी असली अलॉटी से उसकी पहचान मांगेंगे। अगर कोई पारिवारिक सदस्य रह रहा है तो उसकी भी पहचान व रिश्तेदारी का डॉक्यूमेंट मांगेंगे। फैमिली मेंबर में अभिभावक, भाई, बहन, पत्नी, बेटा, बेटी, बहू व पोते-पोतियां इत्यादि शामिल हैं। अगर फ्लैट में कोई मित्र, कजन, रिश्तेदार अलॉटी के साथ कुछ समय के लिए रह रहा है तो कोई आपत्ति नहीं लेकिन वह स्थाई तौर पर फ्लैट में नहीं रह सकता। अगर अलॉटी या उसके पारिवारिक सदस्यों की गैरहाजिरी में इनमें से कोई रह रहा है तो इसे नियम-कानूनों की उल्लंघना माना जाएगा। अलॉटी को इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण देना होगा। अगर यह स्पष्ट हो जाता है कि अलॉटी उस मकान या फलैट में नहीं रहता तो नियमों के मुताबिक कार्रवाई होगी। उधर यशपाल गर्ग का कहना है कि सीएचबी की वेबसाइट पर उन अलॉटियों की सूची डाल दी गई है जिन्होंने अभी तक अपने मासिक किश्त या बनते ड्यूज नहीं दिये हैं। ऐसे लोग वेबसाइट पर अपने ड्यूज का पूरा ब्यौरा ले सकते हैं। यह पेमेंट अलॉटी किसी भी संपर्क सेंटर में या ऑनलाइन मोड से सीएचबी की वेबसाइट पर जाकर जमा करा सकते हैं।

गड़बड़ी मिली तो पजेशन लेगा सीएचबी

अगर सर्वे के दौरान सीएचबी के अधिकारियों की जानकारी में आया कि फ्लैट में असली अलॉटी नहीं है। इसे अवैध तरीके से बेच दिया गया है या ट्रांसफर कर दिया गया है तो इसकी न केवल अलॉटमेंट कैंसिल कर दी जाएगी बल्कि पजेशन भी चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड द्वारा ले लिया जाएगा। इसे आगे दूसरे योग्य व्यक्ति को अलॉट कर दिया जाएगा। सीएचबी ने लोगों से अपील की है कि स्मॉल फ्लैट स्कीम के तहत जिन्हें भी फलैट अलॉट हुए हैं वह अधिकारियों की टीम के साथ सर्वे के दौरान सहयोग करें। सीएचबी के अफसरों के साथ इस दौरान उनका पहचान पत्र रहेगा।