बालकनाथ का 'विवादित बयान': मदन राठौड़ ने मांगी माफी, सैन समाज का अल्टीमेटम

बालकनाथ का 'विवादित बयान': मदन राठौड़ ने मांगी माफी, सैन समाज का अल्टीमेटम

Balaknath controversial statement

Balaknath's 'controversial statement

बीजेपी व‍िधायक के व‍िवाद‍ित टिप्‍पण के व‍िरोध में सैन समाज का प्रत‍िन‍िध‍िमंडल भाजपा मुख्यालय पहुंचकर विरोध जताया. प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात कर बालकनाथ से सार्वजनिक माफी की मांग रखी. समाज के लोगों ने कहा कि अगर विधायक सार्वजनिक तौर पर या सोशल मीडिया के जरिए माफी नही मांगते हैं, तो आने वाले दिनों समाज सड़क पर उतर कर आंदोलन करेगा. 

मदन राठौड़ ने मांगी माफी 

नारायणी धाम के अध्यक्ष विनोद करेल ने कहा कि विधायक बालकनाथ के बयान से न केवल नाई समाज बल्कि मेहनतकश और दस्तकार वर्ग का भी अपमान है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान खेद व्यक्त करते हुए माफी भी मांगी. मदन राठौड़ ने कहा कि सैन समाज के लोगों ने मुलाकात की थी, और पूरी बात बताई थी. मामले में भाजपा प्रदेश का मुखिया होने के नाते मैं माफी मांगता हूं. राठौड ने कहा कि इस मामले को लेकर विधायक से भी बात की गई है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल तिजारा से विधायक बाबा बालकनाथ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वे एक अभियंता से बात करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं. वीडियो के वायरल होते ही यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ गया और सैन समाज ने इसे अपमानजनक बताया. 

"ठीक नहीं जनप्रतिनिधियों की ऐसी भाषा"

सामाजिक और राजनीतिक नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. राजेन्द्र सेन, श्रवण तंवर और रूपनारायण लूणीवाल ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती. उन्होंने कहा कि नाई समाज संत परंपरा से जुड़ा हुआ है, और देश के सामाजिक, सांस्कृतिक जीवन में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. इस संदर्भ में संत सेन जी महाराज का उल्लेख किया गया, जिन्हें समाज में अत्यंत सम्मान प्राप्त है.