बिहार में बनेगा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप और आधुनिक शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार

बिहार में बनेगा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप और आधुनिक शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार

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An Urban Development Authority will be set up in Bihar

पटना। An Urban Development Authority will be set up in Bihar, बिहार सरकार राज्य में आधुनिक और सुनियोजित शहर बसाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप और नए शहरी क्षेत्रों के विकास को तेज करने के लिए सरकार बिहार नगर विकास प्राधिकरण (Urban Development Authority) का गठन करेगी।

यह प्राधिकरण शहरों की योजना बनाने से लेकर उनके विकास, निगरानी और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तक की जिम्मेदारी संभालेगा।

सरकार का मानना है कि इससे नए आर्थिक गतिविधि केंद्र विकसित होंगे, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में इस कानून की प्रतियां वितरित की गई।

शहरों के विकास से जुड़े बड़े फैसले इसी संस्था के पास

बनाया जाने वाला यह प्राधिकरण (UDA) एक वैधानिक निकाय होगा। इसे संपत्ति खरीदने, रखने, उसका प्रबंधन करने, अनुबंध करने का अधिकार होगा।

शहरों के विकास से जुड़े बड़े फैसले इसी संस्था के माध्यम से लिए जाएंगे। प्राधिकरण भविष्य में विकसित किए जाने वाले विशेष क्षेत्रों की पहचान करेगा और उनके लिए विस्तृत विकास योजना तैयार करेगा।

इसके साथ ही सड़क, पेयजल, सीवर, जल निकासी, ठोस कचरा प्रबंधन, बिजली, डिजिटल सुविधाएं, सार्वजनिक परिवहन, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक ढांचे के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी भी इसी के पास होगी।

बजटीय सहायता, बांड, डिबेंचर अन्य वित्तीय स्रोतों से जुटाएगा धन

विकास योजनाओं के लिए धन सरकार के अनुदान, बजटीय सहायता, बांड, डिबेंचर और अन्य स्वीकृत वित्तीय स्रोतों से जुटाया जाएगा।

साथ ही प्राधिकरण को विभिन्न शुल्क, उपकर और प्रभार वसूलने का अधिकार भी होगा। किसी भी क्षेत्र को विशेष क्षेत्र घोषित करने से पहले राज्य सरकार को इस प्राधिकरण से परामर्श लेना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा बिहार नगर विकास निधि नाम से एक अलग कोष बनाया जाएगा, जिसका संचालन भी यही प्राधिकरण करेगा।

सरकार का उद्देश्य शहरी विकास से जुड़े फैसलों को एक ही मंच पर लाकर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।

प्राधिकरण के प्रमुख कार्य:

  • विशेष क्षेत्रों की पहचान करना।
  • सड़क, पेयजल, सीवर, जल निकासी और ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करना।
  • बिजली, डिजिटल ढांचा और सार्वजनिक परिवहन का विस्तार करना।
  • स्कूल, अस्पताल सहित अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विकास और रखरखाव।
  • विकास योजनाओं के लिए धन जुटाना तथा शुल्क, उपकर और प्रभार की वसूली करना।
  • चल और अचल संपत्तियों का प्रबंधन करना।

प्राधिकरण में कौन-कौन होंगे

  • अध्यक्ष : बिहार के मुख्य सचिव।
  • उपाध्यक्ष : नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव।
  • पदेन सदस्य : वित्त, राजस्व एवं भूमि सुधार, उद्योग, पर्यटन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, पथ निर्माण, ऊर्जा, ग्रामीण कार्य तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव/सचिव।
  • मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी : बिहार सरकार द्वारा नियुक्त विशेष सचिव स्तर या उससे ऊपर के अधिकारी।