Ambala Domestic Airport Nears Launch

अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट उद्घाटन के करीब, जीरो विजिबिलिटी में उड़ान भरने वाला बनेगा देश का पहला एयरपोर्ट: अनिल विज

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Ambala Domestic Airport Nears Launch

अंबाला छावनी में वर्षों से प्रतीक्षित डोमेस्टिक एयरपोर्ट अब उद्घाटन के बेहद करीब पहुंच चुका है। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने विश्वास जताया है कि एयरपोर्ट का शुभारंभ शीघ्र होगा। उनका दावा है कि यह भारत का पहला ऐसा डोमेस्टिक एयरपोर्ट होगा, जहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से जीरो विजिबिलिटी में भी विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे।

अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन के निकट विकसित इस एयरपोर्ट के लिए रक्षा मंत्रालय से लगभग 20 एकड़ भूमि 133 करोड़ रुपये में प्राप्त की गई, जबकि लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक टर्मिनल, यात्री सुविधाएं और आवश्यक उपकरण स्थापित किए गए हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा अधिकांश तकनीकी कार्य पूरे किए जा चुके हैं और अब अंतिम तैयारियां चल रही हैं।

निरीक्षण के बाद दिए अंतिम तैयारियां पूरी करने के निर्देश
हाल ही में अनिल विज ने एयरपोर्ट का विस्तृत निरीक्षण किया और पीडब्ल्यूडी तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। विज ने यात्रियों की सुविधाओं जैसे बैठने की व्यवस्था, खान-पान, वाहन पार्किंग, बैगेज स्कैनर, सुरक्षा उपकरण, आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बनाकर एयरपोर्ट का तकनीकी निरीक्षण कराने के निर्देश दिए ताकि उद्घाटन से पहले सभी लंबित कार्य पूरे किए जा सकें। सीसीटीवी इंस्टॉलेशन, कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था, ऑनलाइन यूपीएस, छोटे सिविल कार्य, कार्यालय संबंधी व्यवस्थाएं तथा पर्याप्त स्टाफ और वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऑफ-एयरपोर्ट एयर कार्गो टर्मिनल विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।

अयोध्या, श्रीनगर, लखनऊ, आगरा और बनारस से जुड़ेगा अंबाला
अनिल विज ने बताया कि अंबाला से अयोध्या के लिए प्रस्तावित उड़ान को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। इसके अलावा श्रीनगर रूट पर एक कंपनी को संचालन का कार्य दिए जाने की प्रक्रिया जारी है, जबकि लखनऊ सहित अन्य शहरों के लिए विभिन्न एयरलाइंस ने आवेदन किए हैं।

एलायंस एयर के साथ हुए अनुबंध के तहत शुरुआती चरण में अंबाला से आगरा, बनारस और श्रीनगर के लिए उड़ानें शुरू किए जाने की योजना है। प्रारंभ में एटीआर-42 विमान से सेवाएं शुरू होंगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ भविष्य में यहां से लगभग 15 उड़ानों को जोड़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

हरियाणा ही नहीं, चार राज्यों को मिलेगा लाभ
अनिल विज का कहना है कि अंबाला एयरपोर्ट का लाभ केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा। जीटी रोड पर स्थित होने के कारण चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। हरियाणा के कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल, करनाल, पानीपत सहित अनेक जिलों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए अब दिल्ली या चंडीगढ़ पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

विज के प्रयासों से साकार हुआ ड्रीम प्रोजेक्ट
अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट का निर्माण आसान नहीं था। प्रारंभ में जिस जमीन का चयन किया गया था, उसे तकनीकी कारणों से अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया। इसके बाद नई जमीन की तलाश शुरू हुई और कई स्थानों का सर्वे किया गया। अंततः सेना के अधिकार क्षेत्र की भूमि उपयुक्त पाई गई।

सेना से जमीन प्राप्त करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन अनिल विज ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मानते हुए लगातार लगभग दो वर्षों तक रक्षा मंत्रालय और सेना के अधिकारियों के साथ लगातार प्रयास किए। अंततः हरियाणा सरकार को एयरफोर्स स्टेशन से सटी लगभग 20 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई। सेना के साथ हुए समझौते के अनुसार भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर हरियाणा सरकार उसी मूल्य के बराबर सेना को आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगी।

केंद्र सरकार का मिला पूरा सहयोग
अनिल विज ने बताया कि वह हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मिले थे। इसके बाद एयरपोर्ट पर कार्यों की गति और तेज कर दी गई है। जल्द ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक अंबाला में होगी, जिसमें एयरपोर्ट संचालन से जुड़े अंतिम कार्यों की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के सहयोग तथा केंद्र सरकार की मंजूरी से यह परियोजना आगे बढ़ सकी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ भी कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद सुरक्षा संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकीं।

'अंबा एयरपोर्ट' नाम रखने का प्रस्ताव
अनिल विज चाहते हैं कि अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट का नाम 'अंबा एयरपोर्ट, अंबाला छावनी' रखा जाए। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा है। उनका कहना है कि अंबाला का नाम मां अंबा देवी के नाम पर पड़ा है और यहां स्थित प्राचीन अंबा मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इसलिए एयरपोर्ट का नाम भी स्थानीय आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा होना चाहिए।

रोजगार और व्यापार को मिलेगा नया आयाम
एयरपोर्ट शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। होटल, परिवहन, टैक्सी, लॉजिस्टिक्स, खान-पान, पर्यटन और अन्य सेवा क्षेत्रों को नई गति मिलेगी। कार्गो सुविधा शुरू होने से उद्योगों और व्यापारियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।

उत्तर भारत का नया विमानन केंद्र बनने की ओर अंबाला
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (उड़ान) के तहत विकसित यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के महत्वपूर्ण विमानन केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। आधुनिक तकनीक, जीरो विजिबिलिटी ऑपरेशन, उत्कृष्ट सड़क और रेल संपर्क तथा रणनीतिक स्थिति के कारण अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट भविष्य में हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण हवाई केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।