कौलेश्वरी मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी, पुजारियों को नोटिस जारी
Alleged Irregularities in Offerings
हंटरगंज (चतरा)। कौलेश्वरी पहाड़ स्थित मंदिर में रामनवमी मेला के दौरान चढ़ावे की राशि में कथित बंदरबांट का मामला सामने आया है।
इस गंभीर आरोप को लेकर अंचल अधिकारी सह प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय की ओर से संबंधित पुजारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि दान पेटी में राशि जमा करने के बजाय आपसी बंटवारा किया गया, जिसका साक्ष्य सीसीटीवी फुटेज में उपलब्ध है।
जारी नोटिस में अभयानंद मिश्रा, अनिल मिश्रा, मुकेश मिश्रा, राजू मिश्रा, विभूतिनाथ मिश्रा, प्रशांत मिश्रा, अमित मिश्रा, नंदकिशोर मिश्रा एवं अरुण पाठक का नाम शामिल है। उन्हें 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
सभी आरोपित दतार व आसपास के क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। प्रशासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस प्रकार का कृत्य न केवल निंदनीय है, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ भी है।
मामले के इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित लोगों को कौलेश्वरी पहाड़ से निष्कासित कर दिया जाएगा।
सबके विरुद्ध विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इस कार्रवाई से मेला प्रबंधन में हड़कंप मच गया है और अन्य संबंधित लोग भी सतर्क हो गए हैं।
पहले भी लगते रहे आरोप, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
कौलेश्वरी मंदिर प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े होते हैं। इससे पूर्व मंदिर के प्रधान पुजारी पर राजस्व में अनियमितता और चढ़ावे की राशि के कथित बंदरबांट के गंभीर आरोप लगे हैं।
इस मामले को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी जहूर आलम ने हंटरगंज के अंचल अधिकारी को जांच का निर्देश दिए थे।
एसडीओ ने दंतार गांव निवासी सुधीर कुमार मिश्रा समेत अन्य ग्रामीणों ने साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप लगाया गया है कि प्रधान पुजारी मिथिलेश मिश्रा द्वारा मंदिर कोष में अनियमितता बरती जा रही है। राजस्व संग्रह की राशि का मनमाने तरीके से बंदरबांट किया जा रहा है।
यह भी कहा गया है कि उनके प्रधान पुजारी बनने के बाद से ही वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि प्रधान पुजारी ने आरोप को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।
राशि के बंदरबांट मामले में कौलेश्वरी मंदिर में लगे आठ से दस पुजारियों को शोकाज किया गया है। 24 घंटा के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नही मिलने पर वरीय अधिकारियों को सूचित करते हुए चढ़ावे की राशि बंदरबांट में संलिप्त पुजारियों को एक वर्ष के लिए निष्कासित किया जाएगा।
-ऋतिक कुमार, अंचल अधिकारी, हंटरगंज, चतरा।