खेती का नया 'डिजिटल' अवतार: नकली बीज-पेस्टिसाइड बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा; 'फार्मर आईडी' में यूपी बना मिसाल

खेती का नया 'डिजिटल' अवतार: नकली बीज-पेस्टिसाइड बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा; 'फार्मर आईडी' में यूपी बना मिसाल

Agriculture New Digital Avatar

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लखनऊ। Agriculture's New 'Digital' Avatar, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ के सेंट्रम होटल में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन किया। उत्तर जोन के सम्मेलन में केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ नौ राज्यों के कृषि मंत्री भी शामिल हुए।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि देश के कृषि के विकास के लिए अब राज्य वार रोड मैप तैयार कर कम किया जाएगा। चौहान ने कहा कि सभी राज्यों में अलग-अलग स्थितियां और जलवायु क्षेत्र हैं। ऐसे में पूरे देश का एक रोड मैप बनाकर सही विकास नहीं किया जा सकता है। इसके लिए राज्य अपनी-अपनी कार्ययोजना बनाएं, केंद्र उनको पूरी तरह सहयोग रहेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में गेहूं और धान की कोई कमी नहीं है। चावल के उत्पादन में भारत दुनिया में नंबर वन पर पहुंच गया है, जबकि गेहूं का उत्पादन भी अतिरिक्त है और इसको निर्यात करने की भी अनुमति दी गई है। दलहन- तिलहन में भी आत्मनिर्भरता होना जरूरी है। सरकार का खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय में वृद्धि और पोषण सुरक्षा उपलब्ध कराने पर जोर है। उन्होंने कहा नकली पेस्टिसाइड और बीज, किसानों की सबसे बड़ी समस्या है। इसके लिए सरकार पेस्टिसाइड और सीड एक्ट लाने जा रही है। यह बिल संसद के अगले सत्र में प्रस्तुत किए जाएंगे।

सेंटर आफ एक्सीलेंस के माध्यम से बेहतरीन कार्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में किसान वर्ष में एक फसल लेते थे, परंतु अब एक वर्ष में तीन-तीन फसल की जा रही हैं। वर्ष 2017 में जब उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनी, तब हमारे पास 69 कृषि विज्ञान केंद्र थे, वह लगभग बंदी के कगार पर थे। आज कृषि विज्ञान केंद्र सभी नौ कृषि जलवायु क्षेत्रों में सेंटर आफ एक्सीलेंस के माध्यम से बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।

यूपी में 75 प्रतिशत फार्मर आइडी, सीखें अन्य राज्य

कृषि मंत्रालय के अपर सचिव प्रमोद कुमार ने क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में प्रेजेंटेशन देकर कहा कि देश के 19 राज्यों में अब तक 9.4 करोड़ फार्मर आइडी बनी है। यूपी 75 प्रतिशत आइडी बनाकर एक उदाहरण पेश कर रहा है। हिमाचल प्रदेश में 56 प्रतिशत, हरियाणा में 11 प्रतिशत और उत्तराखंड में 17.9 प्रतिशत ही आईडी बनी है। भारत सरकार ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर 20 मई तक ऐसी जमीनों को भी आइडी से जोड़ने को कहा है जिसके मालिकों की जानकारी अभी नहीं मिली है। राज्यों को नोडल अधिकारी बनाने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारियों पर जमीनों के सर्वे, फार्मर आइडी बनाने और अनक्लेम्ड प्लाटों को लिंक करने का जिम्मा दिया गया है।


सम्मेलन में केंद्रीय राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी व रामनाथ ठाकुर के साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कृषि मंत्री, अधिकारी, वैज्ञानिक, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और प्रगतिशील किसान शामिल थे। इसमें किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, दलहन-तिलहन मिशन, बागवानी और डिजिटल कृषि आदि विषयों पर चर्चा की गई।


उत्तर प्रदेश की ओर से गन्ने के साथ अंत:फसली खेती और डायरेक्ट सीडिंग आफ राइस (डीएसआर) तकनीक से साझा किया गया। हरियाणा ने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल, पंजाब ने धान से फसल विविधीकरण और पहाड़ी राज्यों ने बागवानी क्षेत्र की उपलब्धियों को साझा किया।