परीक्षा गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन की घोषणा: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा बयान

परीक्षा गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन की घोषणा: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा बयान

Abhijit-Dipke-1780312173141

Agitation Announced Against Exam Irregularities

नई दिल्ली। Agitation Announced Against Exam Irregularities, 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दिपके ने सोमवार को बड़ा एलान किया है। अभिजीत ने कहा कि वह परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि 6 जून को वो भारत लौटेंगे। 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो मैसेज में दिपके ने अपने समर्थकों और छात्रों से दिल्ली पहुंचकर उनके साथ जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'अब हम सभी के लिए एक साथ आने का समय आ गया है। हमें भारत के संविधान के रास्ते पर चलते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए।'

1 करोड़ से ज्यादा छात्रों के भविष्य का सवाल

दिपके ने NEET, CBSE, CUET और SSCGD परीक्षाओं में हुए विवादों का जिक्र करते हुए कहा, 'आज NEET के 22 लाख, CBSE के 17 लाख, CUET के 16 लाख और SSCGD के 40 लाख छात्र, यानी कुल 1 करोड़ से ज्यादा छात्रों के जीवन के साथ मजाक हुआ है। छात्र अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। इसकी जिम्मेदारी किसी न किसी को लेनी ही होगी।'

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इतनी बड़ी चूक के बावजूद अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो इसका मतलब है कि देश में जवाबदेही की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। सिस्टम जितनी चाहे गलतियां कर सकता है, लेकिन सजा छात्रों को ही भुगतनी पड़ती है।

6 जून को एयरपोर्ट पर समर्थकों से अपील

अभिजीत दिपके ने समर्थकों से 6 जून सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके साथ जुड़ने और फिर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाने की अपील की, ताकि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति ली जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और इसका उद्देश्य संवैधानिक तरीके से अपनी चिंताओं को उठाना है।

परिवार की चिंताओं का जिक्र करते हुए दिपके ने बताया कि उनके माता-पिता कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी को लेकर परेशान हैं, लेकिन वे अपने फैसले पर अडिग हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को होने देगा।