भगवंत मान विवाद पर AAP का बयान, अकाल तख्त के फैसले के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
AAP's statement on the Bhagwant Mann controversy
चंडीगढ़। AAP's statement on the Bhagwant Mann controversy, मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवाद और अकाल तख्त की ओर से सुनाए गए फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले पर अपना पक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं और वह इससे आगे कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहते।
अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो कह चुके हैं, वही उनका स्पष्ट रुख है। उन्होंने कहा कि विवाद से जुड़े तथ्यों की पुष्टि केवल फोरेंसिक जांच के जरिए ही हो सकती है और सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच का इंतजार किया जाना चाहिए।
अमन अरोड़ा ने कहा कि उनके अनुसार मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद फिलहाल इससे आगे कुछ कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि मामले की सत्यता फोरेंसिक जांच से ही स्थापित हो सकती है।
उधर, अकाल तख्त की ओर से इस मामले में सुनाए गए फैसले के तहत आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों और नेताओं को भी श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के लिए तलब किया गया है। अकाल तख्त की ओर से जारी आदेश के अनुसार आप विधायकों को 4 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।
गौरतलब है कि एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद विभिन्न सिख संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। इस मामले में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद फैसला सुनाया गया। अकाल तख्त ने संबंधित व्यक्तियों को पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही कह चुके हैं कि विवादित वीडियो उनकी नहीं है और उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह श्री अकाल तख्त साहिब और सिख धार्मिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करते हैं। अब इस पूरे मामले पर राजनीतिक और धार्मिक हलकों की नजरें 4 जुलाई को होने वाली पेशी और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।