मथुरा में युवक बना ‘कॉकरोच’, नगर निगम कार्यालय पहुंचकर किया अनोखा प्रदर्शन
A young man in Mathura turned into a cockroach and staged
मथुरा। मुख्य न्यायाधीश के बयान के बाद पूरे देश में काॅकरोच जनता पार्टी ने तूफान मचा रखा है। चंद दिन में 19 मिलियन फालोअर बनने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों में खलबली मच गई है। इस बीच शुक्रवार की सुबह वृंदावन का एक युवक काॅकरोच के भेष में नगर निगम कार्यालय पहुंच गया।
मुख्य गेट के बाहर कभी सीढ़ी तो कभी नीचे खड़ी कार पर अनूठा प्रदर्शन किया। कभी वह सीढ़ियों पर बैठता तो कभी खड़े होकर विरोध जताया। यह देख लोग चौंक गए। करीब एक घंटे बाद वह यहां से बिना किसी को शिकायती पत्र दिए चला गया।
शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम के अधिकारी क्षेत्र में गए हुए थे। तभी यहां वृंदावन के राधा फ्लोरेंस कालोनी निवासी दीपक शर्मा काॅकरोच के भेष में नगर निगम कार्यालय के गेट पर पहुंच गए। उन्होंने काॅकरोच की तरह पीठ पर गत्ते की पंखनुमा आकृति लगा रखी थी तो चेहरे पर काले रंग पोत रखा था।
करीब 15 मिनट तक काॅकरोच की मुद्रा में अनूठा प्रदर्शन किया। पहले तो वह मुख्य गेट के नीचे खड़ी स्कार्पियो के आसपास उछलकूद सी की और फिर सीढ़ियों पर बैठकर प्रदर्शन किया। कभी वह खड़े होते तो कभी बैठ जाते। यहां प्रवर्तन दल के जवान भी पहुंच गए। उनके हाथ में एक कागज था।
करीब यहां पर वह एक घंटा तक रहे और फिर बिना किसी अधिकारी को अपना प्रार्थना पत्र दिए ही वापस चले गए। उन्होंने जागरण से फोन पर बातचीत में कहा, यमुना में गिर रहे नालों के विरोध यह प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया, जब एक आम आदमी अपनी शिकायत लेकर जाता है तो अधिकारी शिकायत सही होने पर भी उसकी सुनवाई नहीं करते हैं।
अपितु शिकायकर्ता को इस हेय दृष्टि के साथ देखा जाता है जैसे मानो वह कोई कॉकरोच हो। अभी सीजेआइ ने भी कई मामलों में शिकायत को लेकर उन्हें काकरोच कहकर संबोधन किया है। यमुना में नाले गिरते रहेंगे, मैं प्रदर्शन करता रहूंगा। सीजेपी पार्टी के सवाल पर उनका कहना था कि किसी पार्टी से उनका कोई मतलब नहीं है।
सीजेआई द्वारा दिए गए बयान के बाद उन्होंने इस तरह का प्रदर्शन था। कुछ सामान घर में था, कुछ सामान बाजार से खरीदा था। कबाड़ की दुकान से एंटीना के तौर पर लगाया था। वह घर से काॅकरोच बनकर नगर निगम गए थे। बताया, हमने अपनी शिकायत पोर्टल पर पोस्ट कर दी है।
इस संबंध में नगर आयुक्त ने हमें शाम चार बजे बुलाया था, लेकिन अब हम शनिवार सुबह उनसे मुलाकात कर अपनी समस्या रखेंगे। उन्होंने बताया, वह घर से तैयार होकर अपनी गाड़ी से नगर निगम गए थे, उसी से घर आ गए। उन्होंने बताया, हम भागवत पढ़ते हैं और पंडिताई का काम करते हैं।