हमीरपुर: यमुना में डूबी खुशियां, एक फोन कॉल बनी छह जिंदगियों का काल
A Single Phone Call Claims Six Lives.
हमीरपुर। A Single Phone Call Claims Six Lives. नाव में सवार होकर घर को वापस लौट रहे लोगों के लिए एक फोन कॉल, काल बन गई। घटना से पूर्व नाविक के फोन में एक काल आई और इस काल के उठाते ही छह जिंदगियां यमुना नदी में डूब गईं। घटना को लेकर चलाए गए रेस्क्यू के बाद गुरुवार की सुबह एक के बाद एक शव मिलने से अफरा-तफरी मच गई और शव देखते ही स्वजन बेसुध हो गए। शाम सवा पांच बजे तक टीम ने सभी शवों को बरामद कर लिया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
यमुना में डूबे लोगों की तलाश के लिए रातभर चले रेस्क्यू में एक भी शव टीम के हाथ नहीं लगा। लेकिन गुरुवार की सुबह होते ही शव मिलना शुरू हो गए। बारिश के बीच भी टीमों का रेस्क्यू जारी रहा और वह नदी में डूबे लोगों की तलाश करते रहे। वहीं ग्रामीण भी नदी किनारे डटे रहे।
उच्चाधिकारी भी घटना स्थल पर मौजूद हैं और संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे। हर कोई उस काल को घटना का काल मान रहा है जो नाविक विष्णु के मोबाइल पर आई थी। लोग कह रहे हैं कि न उसके मोबाइल पर फोन आता और न ही यह हादसा होता। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक छाया हुआ है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत आसपास के गांव के लोग भी नदी किनारे पहुंच गए हैं और वहां पर डटे हुए हैं।
करीब दस किमी के दायरे में टीम ने नदी में डाल रखा था जाल
नदी में करीब दस किमी के दायरे में टीम ने जाल डालकर डूबे हुए लोगों की तलाश करना शुरू कर दी थी। लेकिन रात का अंधेरा और नदी का तेज बहाव कहीं न कहीं टीम के लिए बाधक बना रहा और यही कारण रहा कि रात में टीम को कोई सफलता नहीं मिली और सुबह होते ही टीम को शव मिलना शुरू हो गए और शाम करीब सवा पांच बजे तक टीम ने सभी शव नदी से बरामद कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रातभर नहीं सोए स्वजन, नदी किनारे बैठे रहे निगाहें लगाए
घटना के बाद जिन घरों के लोग नदी में डूबे थे, वह रातभर सो नहीं सके। स्वजन समेत ग्रामीण रातभर नदी किनारे निगाहें लगाए बैठें रहे कि शायद नदी में डूबे उनके परिवार का सदस्य सकुशल निकल आए। लेकिन रात में कोई सफलता टीम को नहीं लगी। नदी किनारे अंधेरा होने के कारण जिला प्रशासन के द्वारा इमरजेंसी लाइट का भी बंदोबश्त किया गया था। ताकि किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। रातभर नदी किनारे लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
घटना स्थल से जिला अस्पताल तक अलर्ट रहीं 108 एंबुलेंस की टीमें
घटना स्थल से लेकर सीएचसी कुरारा और जिला अस्पताल तक 108 एंबुलेंस की टीमें अलर्ट रहीं। नदी में डूबने के बाद जो लोग सकुशल निकल आए उन्हें तत्काल सीएचसी कुरारा पहुंचाया गया। वहीं सुबह से मिलने वाले शव भी 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाए गए। 108 एंबुलेंस के प्रभारी कपिल वार्ष्णेय और भूपेंद्र सिंह अपनी पूरी टीम के साथ मुस्तैद नजर आए। टीम ने सारी रात और पूरा दिन कड़ी मेहनत के साथ अपने कार्य को किया।
नदी में डूब गई नाव और पानी में बह गए खरबूजे
खरबूजा खाकर नाव से लौट रहे लोग बोरियों में खरबूज, तरबूज भी भरे हुए थे। नाव का संतुलन बिगड़ने के बाद जब वह पलट गई तो घटना के बाद नदी में डूबी नाव का भी कोई सुराग नहीं लग सका, वहीं बच्चे और अन्य स्वजन जिन बोरियों में भरकर खरबूजा लेकर घर आ रहे थे, वह भी नदी के पानी में बह गए। इस घटना के बाद से पूरे गांव में हलचल मची हुई है।