यूपी में आज रचेगा हरियाली का नया इतिहास, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगाए जाएंगे 35 करोड़ से अधिक पौधे

यूपी में आज रचेगा हरियाली का नया इतिहास, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लगाए जाएंगे 35 करोड़ से अधिक पौधे

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A new chapter in greenery will be written in UP today

लखनऊ। A new chapter in greenery will be written in UP today, प्रदेश सरकार रविवार को हरियाली का नया इतिहास रचने जा रहा है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन 35 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सहजनवा में लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे पौधारोपण करेंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल लखनऊ में जनभवन में पौधारोपण करेंगी।

दोनों उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय व राज्य मंत्री, न्यायपालिका, प्रशासन, सेना, शिक्षण संस्थान और लाखों नागरिक प्रदेशभर में पौधे लगाकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देंगे। सरकार का दावा है कि यह केवल पौधरोपण नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला और जनभागीदारी का सबसे बड़ा अभियान होगा।

वन विभाग के साथ 26 अन्य सरकारी विभाग

वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि पौधारोपण महायज्ञ रविवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक चलेगा। अभियान में वन विभाग के साथ 26 अन्य सरकारी विभाग भी भाग लेंगे।

प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर निकाय, एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग, रेलवे ट्रैक, स्कूल-कालेज, विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, अस्पताल, कृषि विज्ञान केंद्र, औद्योगिक इकाइयों, पावर प्लांट और अन्य सरकारी परिसरों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य झांसी और ब्रजेश पाठक लखनऊ में अभियान का नेतृत्व करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी लखनऊ में पौधा लगाएंगे। प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अभियान के तहत समृद्धि वन, समरस वन, कपि वन, महर्षि चरक औषधि वन और ऊर्जा वन विकसित किए जाएंगे। गरीब और वंचित परिवारों की पोषण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सहजन और आम के पौधों के वितरण एवं रोपण पर विशेष जोर रहेगा।

प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे के किनारे खाली भूमि को हरित पट्टी में बदला जाएगा। प्रयागराज से मेरठ तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे। पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर, नीम, शीशम, जामुन, महुआ, आम, इमली, सहजन, गुलमोहर और जकरंडा समेत स्थानीय जलवायु के अनुरूप फलदार, छायादार और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों का रोपण किया जाएगा।

'एक पेड़ मां के नाम' थीम पर आधारित इस अभियान में सभी पौधे मातृ सम्मान और स्मृति को समर्पित होंगे। वरिष्ठ नागरिक, शिक्षक, विद्यार्थी, किसान, स्वयंसेवी संस्थाएं, आईएमए, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक एवं महिला मंगल दल, रोटरी, लायंस क्लब, व्यापार मंडल और किसान उत्पादक संगठन भी इसमें सक्रिय भागीदारी करेंगे। स्कूली छात्रों की भागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

मंत्री का दावा पहले लगे पौधों में 80 प्रतिशत जीवित

वन मंत्री ने दावा किया कि अब तक प्रदेश सरकार 242 करोड़ पौधे लगा चुकी है। इसमें से करीब 80 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश का हरित आवरण 3.38 लाख एकड़ बढ़ा है।

वनों और वृक्षों में कार्बन स्टाक में 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 1.13 प्रतिशत से अधिक है। इसी आधार पर सरकार इस महाअभियान को पर्यावरण संरक्षण के साथ जलवायु परिवर्तन से मुकाबले की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।