छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल: 24 IPS अधिकारियों के तबादले, 12 जिलों को मिले नए SP, अजय यादव बने राजनांदगांव IG
Major reshuffle in Chhattisgarh Police: 24 IPS officers transferred
रायपुर। Major reshuffle in Chhattisgarh Police: 24 IPS officers transferred, छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा असरदार बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासनिक ढांचे में एक व्यापक सर्जरी की है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी नए आदेश के तहत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 24 वरिष्ठ अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है।
इस फेरबदल में एक आईजी रेंज सहित कई जिलों के पुलिस कप्तान (SP), डीआईजी और एआईजी स्तर के अधिकारी प्रभावित हुए हैं।
पुलिस मुख्यालय में बड़ा बदलाव
तबादला सूची में सबसे प्रमुख नाम सीनियर आईपीएस अधिकारी अजय कुमार यादव का है। वे अब तक नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के निदेशक पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जिन्हें अब राजनांदगांव रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है।
वहीं, राजनांदगांव के निवर्तमान आईजी बालाजी राव सोमावर और बस्तर के आईजी प्रशांत कुमार अग्रवाल को पुलिस मुख्यालय (PHQ), नया रायपुर में पदस्थ किया गया है।


12 जिलों को मिले नए एसपी
प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) की कमान में बदलाव किया गया है। दंतेवाड़ा में चंद्रमोहन सिंह, बीजापुर में उमेश प्रसाद गुप्ता और सुकमा में मयंक गुर्जर को नया एसपी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा नारायणपुर की जिम्मेदारी संदीप कुमार पटेल को सौंपी गई है।
भावना पांडेय को धमतरी, हरीश राठौर को कोरिया, और राय गौरव रामप्रवेश को बलौदाबाजार-भाटापारा का पुलिस कप्तान बनाया गया है।
चव्हाण किरण गंगाराम को बालोद, योगेश कुमार पटेल को सूरजपुर, जितेंद्र कुमार यादव को कबीरधाम (कवर्धा) और सुनील शर्मा को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
सुर्खियों में कबीरधाम का तबादला
इस पूरी सूची में कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक का बदलाव एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। उल्लेखनीय है कि कवर्धा राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का गृहक्षेत्र है, और यहां पिछले कुछ समय में प्रशासनिक तालमेल को बेहतर करने के लिए कई बार एसपी बदले जा चुके हैं।
लंबे अंतराल के बाद हुए इस बड़े फेरबदल को राज्य में पुलिसिंग को नई ऊर्जा देने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की दिशा में सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।