हांसी में दिल दहला देने वाला हादसा: ट्रेन की चपेट में आई मां और दो बेटियां, दो की मौत, एक बच्ची गंभीर
- By Gaurav --
- Saturday, 24 Jan, 2026
A heartbreaking accident in Hansi: A mother and two
हरियाणा के हांसी में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां सिरसा–दिल्ली रेलवे लाइन पर एक महिला अपनी दो मासूम बेटियों के साथ ट्रेन की चपेट में आ गई। इस हादसे में महिला और उसकी एक बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को पहले हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हिसार के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। यह घटना रामायण और मय्यड़ रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर हुई। मृतक महिला की पहचान भगाना गांव निवासी निर्मला (35 वर्ष) के रूप में हुई है। हादसे में उसकी 6 वर्षीय बेटी निकिता की भी मौत हो गई, जबकि साढ़े तीन साल की प्रीति गंभीर रूप से घायल है, जिसके होंठ और चेहरे पर गहरी चोटें आई हैं।
राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी एक राहगीर ने पुलिस को दी। उसने बताया कि रेलवे ट्रैक के पास एक महिला और दो छोटी बच्चियां बेसुध हालत में पड़ी हैं। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि महिला और एक बच्ची की मौत हो चुकी थी, जबकि दूसरी बच्ची जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। पुलिस ने तुरंत घायल बच्ची को अस्पताल भिजवाया।
बेटा न होने की चिंता में थी महिला
पुलिस जांच में सामने आया है कि निर्मला को शादी के बाद चार बेटियां हुई थीं और वह बेटा न होने के कारण मानसिक तनाव में रहती थी। पुलिस इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि यह हादसा दुर्घटना था या महिला ने मानसिक दबाव में आकर अपनी बच्चियों के साथ जानबूझकर ट्रेन के सामने छलांग लगाई।
पति घर पर नहीं था
पुलिस के अनुसार, निर्मला का पति नरेंद्र, जो खेतीबाड़ी करता है, घटना के समय घर पर मौजूद नहीं था। जब निर्मला घर से निकली, तब वह बाहर गया हुआ था। परिवार में निर्मला की दो अन्य बेटियां भी हैं, जो सुरक्षित हैं।
जांच जारी
पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और प्रशासन सभी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा था या आत्मघाती कदम। यह घटना एक बार फिर समाज में लैंगिक भेदभाव और मानसिक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों की ओर इशारा करती है, जिनका असर कभी-कभी मासूम जिंदगियों पर भी पड़ता है