नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर पीएम मोदी का संदेश: गोमो स्टेशन का ऐतिहासिक महत्व और पराक्रम दिवस
Netaji Subhas Chandra Bose's Birth Anniversary
Netaji Subhas Chandra Bose's Birth Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अंतिम बार गोमो स्टेशन से ही नेताजी ने ट्रेन पकड़ी थी, इसलिए यह ऐतिहासिक स्टेशन है। हमेशा इसे याद करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश आज आगे बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसके जरिए हमने पाकिस्तान को बताया है कि आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विश्व को हमने संदेश दिया कि आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने उक्त बातें शुक्रवार की शाम कहीं। वे नेताजी जी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर गोमो स्टेशन परिसर में आयोजित पराक्रम दिवस को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ने स्वतंत्रता का विचार कभी समाप्त नहीं होता है। अंडमान निकोबार की धरती प्रथम सूर्योदय का साक्षी हुआ। पीएम ने नेताजी को श्रद्धांजलि देने के साथ लोगों को इस दिवस को हमेशा याद रखने का आह्वान किया। कहा कि हम पराक्रम दिवस इसलिए मना रहे हैं कि देश स्वयं को पराक्रमी समझे। नेताजी का पराक्रम पूरा देश याद करे और उस शौर्य को समझ सके। हमने देश की राजनीति की परिभाषा को इसलिए बदला है क्योंकि यह देश बलिदान का देश है।
यह संविधान से संचालित होने वाला देश है।भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण मंडल रांची के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में धनबाद सांसद ढुलू महतो, गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, डीआरएम अखिलेश मिश्र समेत काफी संख्या में अधिकारियों का जुटान हुआ।
इससे पहले गोमो प्लेटफार्म नंबर दो पर लगे नेताजी की कांस्य की प्रतिमा पर सभी लोगों ने माल्यार्पण किया। मौके पर आजाद हिंद के रानी लक्ष्मी बाई रेजीमेंट की प्रमुख रही आशा सहाय के पौत्र संजय चौधरी भी मौजूद थे। गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र की बड़ी प्रतिमा लगाने के लिए हम सभी प्रयास करेंगे।