आप प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से की मुलाकात, पंजाब के मुख्यमंत्री को निशाना बनाकर फर्जी वीडियो बनाने की साजिश के मास्टरमाइंड को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग

आप प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से की मुलाकात, पंजाब के मुख्यमंत्री को निशाना बनाकर फर्जी वीडियो बनाने की साजिश के मास्टरमाइंड को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग

A delegation met the DGP and demanded the immediate arrest

A delegation met the DGP and demanded the immediate arrest

मनगढ़ंत वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने की साजिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी: हरपाल सिंह चीमा

1986 के नकोदर बेअदबी कांड से लेकर 2015 के बेअदबी मामलों तक, अकाली दल ने पंजाब और पंथ को बार-बार निराश किया: हरपाल सिंह चीमा

अकाली दल हमेशा पंजाब के हितों के खिलाफ काम करता रहा है और बार-बार शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करता रहा है: हरपाल सिंह चीमा

अकाली गैंग मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की साफ-सुथरी छवि से परेशान है, उन्हें बदनाम करने के लिए फर्जी वीडियो का सहारा ले रहा है: हरपाल सिंह चीमा

अकाली दल का इतिहास दागी और पंथ विरोधी रहा है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी: हरपाल सिंह चीमा

फर्जी वीडियो बनाने वालों और इसे प्रसारित करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए: हरपाल सिंह चीमा

साजिशकर्ता पंजाब में बैठे हों या विदेशों में, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़, 18 जून 2026: A delegation met the DGP and demanded the immediate arrest, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की छवि को खराब करने और प्रदेश की शांति-व्यवस्था को भंग करने के इरादे से बनाई गई फर्जी वीडियो के मामले को लेकर गुरुवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में 'आप' पंजाब के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के डीजीपी से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट सौंपते हुए फर्जी वीडियो बनाने और इसे सोशल मीडिया पर फैलाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में 'आप' पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, प्रदेश मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता विशेष तौर पर मौजूद थे।

डीजीपी से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला।

चीमा ने कहा कि 3 करोड़ पंजाबियों द्वारा चुनी गई लोकप्रिय सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की साफ-सुथरी छवि से अकाली दल पूरी तरह बौखला गया है। अपनी गंवाई हुई राजनीतिक जमीन को फिर से हासिल करने के लिए अकाली दल अब इस हद तक गिर गया है कि मुख्यमंत्री की फर्जी और छेड़छाड़ की गई वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम करने की गहरी साजिश रच रहा है। 'आप' नेता ने चेतावनी दी कि ऐसी घटिया हरकतों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अकाली दल के इतिहास को काले अक्षरों में लिखा बताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल का इतिहास हमेशा पंजाब और पंथ विरोधी रहा है। जब-जब अकाली दल सत्ता में आता है, तब-तब पंजाब का भारी नुकसान होता है।

पुरानी घटनाओं को याद करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि 1986 और 2015 दोनों घटनाएं अकाली दल की सरकारों के दौरान घटी थीं। उन्होंने कहा कि 1986 में नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के बाद जब संगत ने इंसाफ मांगा तो 4 नौजवानों को मार दिया गया।

उन्होंने कहा कि इसी तरह 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के बाद विरोध प्रदर्शनों के दौरान 2 नौजवान शहीद हुए थे। ये दोनों घटनाएं साजिश, सच को दबाने की कोशिशों और जवाबदेही मांगने वालों के साथ हुई बेइंसाफी का प्रतीक थीं। ये घटनाएं अकाली दल का असली चेहरा और पंजाब तथा पंथ के साथ बार-बार किए गए धोखे को बेनकाब करती हैं।

'आप' नेता ने याद दिलाया कि 1986 में जब अकाली दल की सरकार थी, तब नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई और जब संगतों ने इंसाफ मांगा, तो पांच सिख नौजवानों को गोलियों से भून दिया गया। इस कांड का खुलासा पहली बार पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी के नेताओं ने ही किया था।

उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के समय बने 'जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन' की रिपोर्ट को जानबूझकर गायब कर दिया गया, क्योंकि उसमें अकाली दल का असली चेहरा बेनकाब होना था। कांग्रेस के 5 सालों के शासन में भी इस रिपोर्ट को दबाकर रखा गया। 2015 में अकाली दल के शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई, विरोध कर रहे नौजवानों पर गोलियां चलाई गईं और बाद में सबूतों को नष्ट किया गया। कमीशन की रिपोर्टों में साफ है कि मौके से मिले खाली कारतूसों तक के साथ छेड़छाड़ की गई ताकि दोषियों को बचाया जा सके।

चीमा ने अकाली दल पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में गैंगस्टर कल्चर को पैदा करने और पालन-पोषण का काम अकाली दल ने ही किया था। अब जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 'आप' सरकार पंजाब से गैंगस्टरों और अपराधियों का सफाया कर रही है, तो अकाली दल को यह हजम नहीं हो रहा। अकाली दल एक बार फिर पंजाब की शांति-व्यवस्था, भाईचारे और सद्भाव को आग लगाने के लिए बेताब बैठा है।

'आप' प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी पंजाब से मांग की है कि मुख्यमंत्री की फेक वीडियो बनाने वाले और इसे वायरल करने वाले मास्टरमाइंड को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि चाहे साजिश रचने वाला पंजाब में बैठा हो या विदेशों में, उसे कानून के कटघरे में लाकर खड़ा किया जाएगा। पंजाब की शांति और कानून व्यवस्था को भंग करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।


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