यूपी भाजपा संगठन में महाबदलाव की तैयारी: योग दिवस के आसपास आएगी नई टीम, महामंत्रियों और क्षेत्रीय अध्यक्षों के बदलेंगे चेहरे
Preparations for a major overhaul of the UP BJP organization
लखनऊ। Preparations for a major overhaul of the UP BJP organization, प्रतीक्षा कर रहे भाजपाइयों को विश्वास तो नहीं होगा, लेकिन संगठन का दावा है कि प्रदेश कार्यकारिणी विश्व योग दिवस 21 जून के इर्द गिर्द घोषित कर दी जाएगी। सबसे ज्यादा बदलाव महामंत्रियों में होगा। सात की जगह छह महामंत्री रखे जाएंगे, जिसमें पांच नए चेहरे हो सकते हैं।
एक महामंत्री अपना पद बचाने में सफल प्रतीत हो रहे हैं, जिसकी पार्टी में चर्चा तेज है। 18 उपाध्यक्षों में से दस चेहरों में बदलाव संभावित है, जबकि 16 मंत्रियों में से आधा दर्जन को प्रमोट किया जाएगा। वहीं, सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलकर नए लोगों को कमान दी जाएगी। दो-तीन दिन में टीम घोषित की जा सकती है।
पिछले दिसंबर से भाजपा की प्रदेश इकाई बनने की कसरत हो रही है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से कई बार बातचीत की, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं संगठन के बीच खींचतान एवं जातीय समीकरणों के उलझने से लंबे समय तकप्रदेश इकाई एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों के नाम तय नहीं हो पाए।
पिछले दिनों दिल्ली में मैराथन मंथन किया गया, जिसके बाद सूची पर अंतिम मुहर दिल्ली ने लगा दी है। लेकिन टीम की घोषणा की कोई तारीख नहीं रखी गई। प्रदेश पदाधिकारियों का कहना है कि विश्व योग दिवस 21 जून के आसपास कार्यकारिणी जारी कर दी जाएगी। बड़े पैमाने पर बदलाव तय है।
दस साल से ज्यादा समय से पदाधिकारी बने कई लोगों को हटाकर दूसरी भूमिका दी जा सकती है। पिछली 45 सदस्यीय प्रदेश इकाई में 11 महिलाएं थीं, जिसमें तीन और कार्यकर्ताओं को स्थान मिल सकता है।
उधर, क्षेत्रीय अध्यक्षों की ताजपोशी को लेकर भी पार्टी ने कई पहलुओं को खंगाला है। पश्चिम, ब्रज एवं कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में जातीय कार्ड बदलने की तैयारी है, जबकि अवध, गोरखपुर एवं काशी क्षेत्र में जातीय समीकरण पूर्ववत रखते हुए चेहरे बदलने की चर्चा है।
71 विधान सभा सीटों वाले काशी क्षेत्र में दिलीप पटेल क्षेत्रीय अध्यक्ष हैं, जिनके विकल्प के रूप में ओबीसी समाज से किसी दूसरी जाति के हाथ कमान दी जा सकती है। 82 विधान सभा सीटों वाले अवध क्षेत्र की कमान युवा कमलेश मिश्र के हाथ में है, जहां इस बार दो अन्य ब्राह्मण चेहरों की चर्चा है।
62 विधान सभा सीटों वाले गोरखपुर क्षेत्र में जातीय समीकरण पूूर्ववत रखते हुए दो अन्य भूमिहार चेहरों के बीच स्पर्धा है। 71 विधान सभा सीटों वाले पश्चिम क्षेत्र में क्षत्रिय चेहरा सतेंद्र शिशौदिया की जगह अब गुर्जर या वैश्य फैक्टर साधने की चर्चा है।
52 विधान सभा सीटों वाले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की कमान प्रकाश पाल के हाथ में है, जहां क्षत्रिय चेहरा आगे किया जा सकता है। 65 विधान सभा सीटों वाले ब्रज क्षेत्र की कमान दुर्गविजय शाक्य के हाथ में है, जहां इस बार दो लोध चेहरों की दावेदारी है।